क्रॉप कटिंग में धान की उपज का किया आकलन, 43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 21.120 किलोग्राम धान की पैदावार

उरई के ग्राम बोहदपुरा में जिलाधिकारी समीर ने धान की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। किसान प्रहलाद पुत्र सोबरन सिंह के खेत में 43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के त्रिभुजाकार भूखंड से धान की कटाई की गई, जिसमें कुल 21.120 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई। इस प्रक्रिया के माध्यम से फसल की वास्तविक उत्पादकता का आकलन किया गया। मौके पर उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी, तहसीलदार सुरेंद्र गौतम सहित राजस्व विभाग की टीम और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

क्रॉप कटिंग में धान की उपज का किया आकलन, 43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 21.120 किलोग्राम धान की पैदावार

जिलाधिकारी समीर ने ग्राम बोहदपुरा में क्रॉप कटिंग कार्य का किया निरीक्षण

43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में धान की कटाई, 21.120 किलोग्राम उपज प्राप्त

किसान प्रहलाद के खेत में निर्धारित मानकों के अनुसार हुआ फसल परीक्षण

उरई। प्रदेश सरकार के निर्देशों के क्रम में जनपद में फसलों की वास्तविक उत्पादकता का आकलन करने के लिए क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर ने ग्राम बोहदपुरा में राजस्व विभाग की टीम द्वारा कराए गए क्रॉप कटिंग कार्य का जायजा लिया। इस दौरान निर्धारित मानकों के अनुसार किसान के खेत में धान की फसल की कटाई कर प्राप्त उपज का वजन किया गया। परीक्षण में 43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से कुल 21.120 किलोग्राम धान प्राप्त हुआ।

जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर देखा क्रॉप कटिंग कार्य

जिलाधिकारी समीर ने ग्राम बोहदपुरा पहुंचकर राजस्व विभाग की टीम द्वारा कराई जा रही क्रॉप कटिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेत में निर्धारित प्रक्रिया के तहत धान की फसल की कटाई और उपज के आकलन से संबंधित कार्यों का जायजा लिया। क्रॉप कटिंग के माध्यम से खेत में वास्तविक रूप से प्राप्त होने वाली उपज का आंकड़ा जुटाया जाता है, जिससे फसल की उत्पादकता का आकलन किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान गाटा संख्या 829/3 में स्थित किसान प्रहलाद पुत्र सोबरन सिंह के खेत को क्रॉप कटिंग के लिए चुना गया। राजस्व विभाग की टीम ने निर्धारित मानकों के अनुसार खेत में खड़ी धान की फसल का परीक्षण किया। इस प्रक्रिया में फसल की कटाई के लिए निश्चित क्षेत्रफल को चिह्नित कर वहां से प्राप्त उपज का वजन किया गया।

43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कराई गई कटाई

क्रॉप कटिंग के अंतर्गत खेत में 43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का त्रिभुजाकार भूखंड चिह्नित किया गया। इसके बाद निर्धारित क्षेत्र में खड़ी धान की फसल की कटाई कर प्राप्त उपज को एकत्रित किया गया। कटाई के बाद धान का वजन किया गया, जिसमें कुल 21.120 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई।

इस परीक्षण के माध्यम से निर्धारित क्षेत्रफल में धान की वास्तविक पैदावार का आंकड़ा दर्ज किया गया। फसल की उत्पादकता का आकलन करने के लिए इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें खेत के एक निश्चित हिस्से से फसल काटकर प्राप्त उपज का वजन किया जाता है। इसके आधार पर संबंधित क्षेत्र में फसल उत्पादन की स्थिति का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।

क्रॉप कटिंग के दौरान निर्धारित क्षेत्रफल, फसल की कटाई और प्राप्त उपज के वजन का विशेष महत्व होता है। इसलिए पूरी प्रक्रिया तय मानकों के अनुसार कराई जाती है, ताकि एकत्र किए गए आंकड़ों को कृषि उत्पादन के आकलन में उपयोग किया जा सके।

कृषि उत्पादन का वास्तविक आंकड़ा जुटाने में मददगार है क्रॉप कटिंग

क्रॉप कटिंग कृषि विभाग और राजस्व विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल है। इसके माध्यम से फसलों की वास्तविक उत्पादकता का आकलन किया जाता है। खेतों में खड़ी फसल की स्थिति देखकर ही उत्पादन का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं होता। ऐसे में निर्धारित क्षेत्रफल से फसल की कटाई कर प्राप्त उपज का वजन करना जरूरी होता है।

इस प्रक्रिया के तहत खेत में एक निश्चित क्षेत्र का चयन किया जाता है। चयनित भूखंड में खड़ी फसल को निर्धारित तरीके से काटा जाता है और उससे प्राप्त उपज को तौलकर दर्ज किया जाता है। इस प्रकार प्राप्त आंकड़ों से संबंधित क्षेत्र में फसल की उत्पादकता का अनुमान लगाने में सहायता मिलती है।

धान की फसल के मामले में भी क्रॉप कटिंग के माध्यम से खेतों में वास्तविक उत्पादन की स्थिति का आकलन किया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में कराए जाने वाले ऐसे परीक्षणों से फसल की पैदावार से संबंधित आंकड़े जुटाए जाते हैं। इन आंकड़ों का उपयोग कृषि उत्पादन संबंधी आकलन और संबंधित सरकारी प्रक्रियाओं में किया जाता है।

निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की गई प्रक्रिया

ग्राम बोहदपुरा में आयोजित क्रॉप कटिंग के दौरान राजस्व विभाग की टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल की कटाई और उपज का वजन किया। इसके लिए किसान प्रहलाद पुत्र सोबरन सिंह के खेत में गाटा संख्या 829/3 स्थित भूखंड का चयन किया गया। निर्धारित 43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में धान की फसल काटने के बाद प्राप्त उपज को तौला गया, जिसमें 21.120 किलोग्राम धान प्राप्त हुआ।

इस तरह के परीक्षणों में प्रक्रिया की एकरूपता बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। निर्धारित क्षेत्रफल में फसल काटकर उसका वजन करने से उत्पादकता से संबंधित आंकड़ों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जा सकता है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में फसलों की उपज की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है।

क्रॉप कटिंग के दौरान संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में खेत का चयन, फसल की कटाई और उपज का वजन जैसी गतिविधियां पूरी की जाती हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से कृषि उत्पादन से जुड़े आंकड़ों को वास्तविक उपज के आधार पर तैयार करने में सहायता मिलती है।

अधिकारियों और किसान की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

ग्राम बोहदपुरा में धान की क्रॉप कटिंग के दौरान उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी, तहसीलदार सुरेंद्र गौतम, राजस्व विभाग की टीम, संबंधित अधिकारी और किसान उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धान की फसल की कटाई कर उपज का आकलन किया गया।

जनपद में फसलों की वास्तविक उत्पादकता के आंकड़े जुटाने के उद्देश्य से कराई जा रही क्रॉप कटिंग के तहत यह परीक्षण किया गया। ग्राम बोहदपुरा में 43 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से प्राप्त 21.120 किलोग्राम धान की उपज को दर्ज किया गया। इस प्रक्रिया से निर्धारित क्षेत्र में फसल की वास्तविक पैदावार का आंकड़ा प्राप्त हुआ, जो कृषि उत्पादन के आकलन के लिए महत्वपूर्ण है।