पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर सेवा संकल्प अभियान, विद्यार्थियों ने लिया स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी का संकल्प
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर सेवा संकल्प अभियान के तहत चुर्खी स्थित मॉडल इंटर कॉलेज में स्वच्छता एवं नागरिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान में भाग लेकर नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का संदेश दिया। उन्हें सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा मेरा भारत मंच और विकसित भारत युवा नेता संवाद प्रश्नोत्तरी की जानकारी दी गई।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर सेवा संकल्प अभियान का आयोजन
विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
स्वच्छता के साथ नागरिक कर्तव्यों के प्रति किया जागरूक
छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश
उरई (जालौन)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर सेवा, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वच्छता एवं नागरिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मेरा भारत, जनपद जालौन द्वारा जिला युवा अधिकारी सचिन गैरा के निर्देशन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज, ग्राम चुर्खी, विकास खंड महेवा में किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छता अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश के साथ हुई। विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान में भाग लिया। इस दौरान स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने और अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग, संस्था या अभियान की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, विद्यालय, कार्यस्थल और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की जिम्मेदारी निभाए तो समाज में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।
नागरिक कर्तव्यों के प्रति किया जागरूक
स्वच्छता अभियान के साथ विद्यार्थियों को नागरिक बोध और सामाजिक उत्तरदायित्व के विषय में भी जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि एक जिम्मेदार नागरिक केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होता, बल्कि अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करता है।
विद्यार्थियों को सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन तथा समाज के प्रति जिम्मेदार व्यवहार जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया केवल बड़े कार्यों से नहीं होती, बल्कि नागरिकों के छोटे-छोटे जिम्मेदार प्रयास भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपने आसपास स्वच्छता रखना, नियमों का पालन करना और सामाजिक कार्यों में सहयोग करना राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रधानाचार्य और समाजसेवी की रही सहभागिता
कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य सुभाष कुमार के सहयोग से किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व से अवगत कराया तथा उन्हें दैनिक जीवन में स्वच्छता की आदत को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर समाजसेवी राममोहन चतुर्वेदी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की महत्वपूर्ण शक्ति है। यदि विद्यार्थी अभी से अपने नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझेंगे तो भविष्य में वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को सार्थक बनाया। छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए अभियान में सहयोग किया और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता का संदेश देने का प्रयास किया।
विद्यार्थियों को दिए गए सहभागिता प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। प्रमाण-पत्र मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी उन्हें सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती है।
विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि सामाजिक सेवा और सामुदायिक गतिविधियों में भागीदारी केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को अपने नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाना जरूरी है।
मेरा भारत मंच की गतिविधियों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को मेरा भारत मंच की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्ध अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि युवा विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में अपनी सहभागिता दर्ज कराकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
इसके साथ ही युवाओं को विकसित भारत युवा नेता संवाद प्रश्नोत्तरी में सहभागिता के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को प्रश्नोत्तरी में भाग लेने की प्रक्रिया और इससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई।
आयोजकों ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति के भीतर नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मक क्षमता मौजूद है। यदि इस ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जाए तो सामाजिक विकास और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को गति मिल सकती है।
स्वच्छता को बनाया जाए जीवन का हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता को केवल किसी विशेष दिवस या अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। घर और विद्यालय से शुरू होने वाली स्वच्छता की आदत धीरे-धीरे पूरे समाज में सकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकती है।
विद्यार्थियों से कहा गया कि वे कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालें, सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। साथ ही जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर भी सजग रहने की आवश्यकता बताई गई।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा। आयोजकों ने कहा कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। शिक्षा के साथ यदि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य की भावना विकसित होती है तो वे समाज में लंबे समय तक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे ऐसे कार्य करें, जिनसे समाज को लाभ पहुंचे। स्वच्छता बनाए रखना, दूसरों की मदद करना, सार्वजनिक नियमों का पालन करना और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना जिम्मेदार नागरिकता के उदाहरण हैं।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया और नागरिक जिम्मेदारियों से जुड़े संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना। सहभागिता प्रमाण-पत्र मिलने से भी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से सामाजिक गतिविधियों से जोड़ते हैं। इससे उनमें सामूहिक कार्य, अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम के अंत में स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिकता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों के बीच स्वच्छता तथा नागरिक कर्तव्यों का संदेश पहुंचाएं।
इस अवसर पर यह संदेश भी सुदृढ़ हुआ कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकता का संस्कार है। वहीं राष्ट्र निर्माण केवल एक विचार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के दैनिक आचरण और जिम्मेदारी से जुड़ा संकल्प है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने और उन्हें जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में प्रेरित करने का कार्य किया।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस