रीवा: अध्यक्ष के विरोध में 10 भाजपा पार्षदों ने दिया इस्तीफा, गुढ़ नगर परिषद में बढ़ी सियासी हलचल

रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में भाजपा पार्षदों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दिया। पार्षदों ने अध्यक्ष अर्चना सिंह पर भ्रष्टाचार, मनमानी और पांच पार्षदों के खिलाफ कथित झूठे मुकदमे दर्ज कराने के आरोप लगाए हैं

रीवा: अध्यक्ष के विरोध में 10 भाजपा पार्षदों ने दिया इस्तीफा, गुढ़ नगर परिषद में बढ़ी सियासी हलचल

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दो महीने से जारी खींचतान के बीच पार्षदों का बड़ा कदम, अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह की कार्यप्रणाली और पूरे कार्यकाल की जांच की मांग

यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विरोध करने वाले पार्षद भाजपा से जुड़े हुए थे और अब उन्होंने संगठन से ही इस्तीफा दे दिया है। इससे स्थानीय स्तर पर पार्टी के सामने राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौती खड़ी हो सकती है।

हालांकि, पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने और नगर परिषद के निर्वाचित पार्षद पद से इस्तीफा देने में अंतर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन 10 पार्षदों ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। उनके पार्षद पद से इस्तीफे की जानकारी सामने नहीं आई है।

भाजपा संगठन के सामने बढ़ी चुनौती

10 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे के बाद अब भाजपा संगठन की भूमिका पर नजर है। स्थानीय स्तर पर अध्यक्ष और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए संगठन क्या कदम उठाता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।

पार्षदों की नाराजगी लंबे समय से जारी है। जुलाई में 13 पार्षदों द्वारा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से शुरू हुआ विवाद अब पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे तक पहुंच गया है।

ऐसे में संगठन के सामने पार्षदों की शिकायतों को सुनने, विवाद के विभिन्न पक्षों की जानकारी लेने और आगे की रणनीति तय करने का सवाल है। वहीं, अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा संगठन का अगला निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि संगठन स्तर पर कोई पहल होती है, तो उससे विवाद के आगे के घटनाक्रम पर असर पड़ सकता है। फिलहाल इस संबंध में संगठन की ओर से अगले कदम की जानकारी सामने नहीं आई है।