‘पौधा लगाकर फोटो खिंचवाना ही उद्देश्य नहीं’, गोविंद सिंह राजपूत ने पौधों की सुरक्षा पर दिया जोर
सागर के आरटीओ परिसर में आरोग्य भारती के तत्वावधान में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने 501 पौधे लगाए और कहा कि केवल पौधरोपण करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक पानी, सुरक्षा और नियमित देखभाल देना भी जरूरी है। उन्होंने हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने की अपील की। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पौधा लगाना ही नहीं, उसकी सुरक्षा भी जरूरी: गोविंद सिंह राजपूत
सागर के आरटीओ परिसर में 501 पौधों का रोपण, मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प
सागर। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पौधरोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल और सुरक्षा करना ही वास्तविक पौधरोपण की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाकर फोटो खिंचवाना उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक उसकी जिम्मेदारी निभाना जरूरी है।
जिला आरोग्य भारती महाकौशल प्रांत इकाई सागर के तत्वावधान में आरटीओ परिसर सागर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी पौधरोपण में सहभागिता की तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
501 पौधों का किया गया रोपण
आरोग्य भारती के जिलाध्यक्ष डॉ. सुखदेव मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान कुल 501 पौधे लगाए गए। इनमें हाईब्रिड आम, गुलमोहर, कनेर और नीम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण के लिए समाज को प्रेरित करना रहा।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने वृक्ष लगाए और उनकी छाया तथा प्राकृतिक संसाधनों का लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिला। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम भी अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी रक्षा करें। उन्होंने कहा कि पेड़ मानव जीवन का आधार हैं। वे हमें शुद्ध वायु, छाया, फल और अनेक प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराते हैं। वृक्षों के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है।
पौधे को वृक्ष बनाने तक निभाएं जिम्मेदारी
मंत्री ने कहा कि आज पर्यावरण में लगातार बदलाव हो रहा है और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करे।
उन्होंने कहा कि पौधा लगाने के बाद समय-समय पर उसमें पानी देना, उसे पशुओं से बचाना, उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था करना और उसके विकास की निगरानी करना जरूरी है। जब एक पौधा बड़ा होकर वृक्ष बनता है तो उसका लाभ केवल उस व्यक्ति को नहीं मिलता जिसने उसे लगाया है, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियां उससे लाभान्वित होती हैं।
गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वृक्ष प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। बड़े वृक्ष आसपास के वातावरण को ठंडा रखने, वायु को शुद्ध करने और जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा वृक्ष वर्षा चक्र को संतुलित करने, मिट्टी के कटाव को रोकने तथा पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं को आश्रय देने में भी सहायक होते हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का किया उल्लेख
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को लेकर व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे जनभागीदारी वाले अभियानों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन से जोड़ने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरा-भरा वातावरण मिल सके।
मंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। आधुनिक सुविधाओं और विकास कार्यों के साथ हरित क्षेत्र को बढ़ाना भी जरूरी है। सड़कों, भवनों और अन्य निर्माण कार्यों के साथ यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे।
हर व्यक्ति लगाए पौधा, हर पौधे की करे रक्षा
गोविंद सिंह राजपूत ने उपस्थित नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाने की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि लगाए गए पौधे जीवित रहें और उनका उचित संरक्षण हो।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घर, खेत, कार्यालय, विद्यालय या सार्वजनिक स्थान पर उपलब्ध जगह के अनुसार पौधे लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी ले, तो आने वाले वर्षों में हमारा क्षेत्र अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर बन सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति की सेवा वास्तव में मानवता की सेवा है। पेड़ आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सबसे महत्वपूर्ण विरासत हैं। इसलिए पौधरोपण को किसी एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे निरंतर चलने वाला सामाजिक अभियान बनाना चाहिए।
आरोग्य भारती के प्रयासों की सराहना
मंत्री ने आरोग्य भारती द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा विभिन्न आयोजनों के माध्यम से समाज में पर्यावरण के प्रति चेतना जागृत करने का काम किया जा रहा है। पौधरोपण के माध्यम से लगाए गए हजारों वृक्ष आने वाले समय में धरती के हरित आवरण को बढ़ाने में योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे घर-घर और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता है। बच्चों और युवाओं को भी पौधरोपण तथा प्रकृति संरक्षण से जोड़ना चाहिए, ताकि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना आने वाली पीढ़ियों में विकसित हो।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी किया पौधरोपण का आह्वान
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। प्रत्येक व्यक्ति को वृक्ष लगाना चाहिए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े वृक्ष बनेंगे।
इस अवसर पर आरोग्य भारती के पर्यावरण प्रमुख अनिल भट्ट, जिला सचिव आशीष पटेल, डॉ. डीपी चौबे, हरिराम सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. वीरेंद्र पाठक सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पौधों की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण बचाने की शुरुआत एक पौधे से की जा सकती है, लेकिन उस पौधे को वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक भागीदारी से ही पूरी होगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस