एथेनॉल विवाद पर भड़के रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, बोले- “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?”
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करने वालों पर तीखा तंज कसा, पूछा कि क्या शुद्ध पेट्रोल उनके बाप के घर से आएगा। उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति और कच्चे तेल के आयात को देखते हुए एथेनॉल मिश्रण को आवश्यक बताया, ब्राजील का उदाहरण भी दिया।
एथेनॉल के मुद्दे पर रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। रीवा एयरपोर्ट पर विंध्य की उड़ान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में सांसद ने एथेनॉल का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा- 'शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा क्या?' उनका यह बयान अब सुर्खियों में हैं.
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण का विरोध करने वालों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि जब कुछ लोग एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करते हुए शुद्ध पेट्रोल की मांग कर रहे हैं, तो आखिर शुद्ध पेट्रोल आएगा कहां से?
सांसद ने कहा, “आंदोलन हो रहा है एथेनॉल नहीं चलेगा, शुद्ध पेट्रोल चलेगा। शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे सत्ता के अहंकार और आम लोगों के प्रति असंवेदनशीलता करार दिया है।
नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे सांसद
जनार्दन मिश्रा रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई हवाई सेवाओं का उद्घाटन किया गया। इसी दौरान उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और एथेनॉल मिश्रण नीति को लेकर अपनी बात रखी।
सांसद ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का पूरा कच्चा तेल देश में पैदा नहीं करता। उनके मुताबिक भारत में करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का उत्पादन होता है, जबकि लगभग 80 प्रतिशत जरूरत के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसी स्थितियों का सीधा असर तेल की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ता है।
विदेशों से तेल आयात पर जताई चिंता
जनार्दन मिश्रा ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध के कारण तेल की आपूर्ति करने वाले जहाजों को लंबे समुद्री मार्गों से होकर गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में जहाजों को तेल पहुंचाने के लिए करीब 18 हजार किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
उन्होंने इसी संदर्भ में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की केंद्र सरकार की नीति का बचाव किया। सांसद के अनुसार, जब देश बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, तब घरेलू स्तर पर उपलब्ध वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है।
“एथेनॉल नहीं चलेगा” कहने वालों पर निशाना
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण की दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन कुछ लोग इसके विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एथेनॉल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और केवल शुद्ध पेट्रोल की मांग की जाएगी, तो देश की पेट्रोलियम जरूरतें कैसे पूरी होंगी?
इसी दौरान उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा, “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?” उनके इस बयान का वीडियो और बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक बहस शुरू हो गई।
ब्राजील का उदाहरण देकर एथेनॉल का किया बचाव
जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल के इस्तेमाल को सही ठहराने के लिए ब्राजील का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ब्राजील दुनिया के प्रमुख एथेनॉल उत्पादक देशों में शामिल है और वहां बड़े पैमाने पर एथेनॉल आधारित ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने दावा किया कि वहां 100 प्रतिशत एथेनॉल से भी वाहन चलाए जा रहे हैं और इससे वाहनों में कोई बड़ी समस्या नहीं आती। सांसद ने कहा कि भारत में भी ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और कार मैकेनिकों का मानना है कि निर्धारित मिश्रण के अनुरूप एथेनॉल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को नुकसान नहीं होता।
हालांकि, एथेनॉल मिश्रण को लेकर देश में वाहन मालिकों और विशेषज्ञों के बीच अलग-अलग मत रहे हैं। खासकर पुराने वाहनों में एथेनॉल मिश्रण के प्रभाव, माइलेज और इंजन के रखरखाव को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जोड़ा एथेनॉल
एथेनॉल नीति के समर्थन में सरकार की ओर से यह तर्क भी दिया जाता रहा है कि इससे देश में आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही गन्ना, मक्का और अन्य फसलों से एथेनॉल उत्पादन बढ़ने पर किसानों को बाजार उपलब्ध होने की संभावना रहती है।
जनार्दन मिश्रा का तर्क भी इसी व्यापक नीति के समर्थन में दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि देश को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देना चाहिए और केवल विदेशों से आने वाले कच्चे तेल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की तारीफ
कार्यक्रम के दौरान सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीतियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने दावा किया कि देश में रोजगार और महंगाई की स्थिति बेहतर है तथा भारत तेजी से विकास कर रहा है।
सांसद ने कहा कि देश में अराजकता की स्थिति नहीं होने के कारण विकास कार्यों को गति मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों का विरोध करने के बजाय सरकार की विकास नीतियों का विरोध कर रहे हैं।
हालांकि, रोजगार और महंगाई को लेकर सांसद के दावों पर राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। ऐसे आंकड़ों का आकलन आधिकारिक आर्थिक एवं श्रम संबंधी आंकड़ों के आधार पर किया जाना अधिक उचित होगा।
जीतू पटवारी ने बताया “कुर्सी का अहंकार”
भाजपा सांसद के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पटवारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जनार्दन मिश्रा के बयान को निशाना बनाया।
उन्होंने सांसद के बयान को उद्धृत करते हुए लिखा कि यह सत्ता की “ठसक”, जनमत की कुर्सी का “अहंकार” और पेट्रोल से परेशान नागरिकों के प्रति “नफरत” को दर्शाता है।
कांग्रेस ने सांसद के बयान को आम जनता की परेशानियों से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि पेट्रोल की कीमत, वाहन चलाने की लागत और ईंधन की गुणवत्ता जैसे मुद्दे सीधे आम उपभोक्ताओं से जुड़े हैं। ऐसे में जनता की चिंताओं का जवाब संयमित और तथ्यात्मक तरीके से दिया जाना चाहिए।
बयान से फिर गरमाई सियासत
जनार्दन मिश्रा पहले भी अपने बेबाक और विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। इस बार एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मुद्दे पर उनकी टिप्पणी ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को हवा दे दी है।
एक तरफ भाजपा सांसद एथेनॉल मिश्रण को देश की ऊर्जा जरूरतों और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में जरूरी कदम बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस उनके शब्दों को जनता के प्रति अहंकारपूर्ण रवैये के तौर पर पेश कर रही है।
फिलहाल इस विवाद का केंद्र एथेनॉल से ज्यादा सांसद की वह टिप्पणी बन गई है, जिसमें उन्होंने शुद्ध पेट्रोल की मांग करने वालों से पूछा कि “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?” राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस