आंदोलनकारी किसानों ने नर्मदाजी में कूदने की दी धमकी, प्रशासन अलर्ट; भोपाल कूच से पहले जिलेभर में सख्त सुरक्षा
मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन तेज हो गया है। भोपाल कूच से पहले प्रशासन ने किसानों को भोपाल से करीब 70 किमी पहले रोक दिया और कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया या नजरबंद किया। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर किसानों ने धरना, नारेबाजी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। आंदोलन के दौरान कुछ नेताओं ने चेतावनी दी कि आगे नहीं जाने देने पर वे अनिश्चितकालीन धरना देंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन और भारी पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं।
मूंग खरीदी और ई-टोकन व्यवस्था की मांग पर आंदोलन तेज
सेठानी घाट पर धरना, नारेबाजी और हनुमान चालीसा का पाठ
किसान नेताओं की चेतावनी- आगे नहीं जाने दिया तो अनिश्चितकालीन धरना
कई किसान नेता हिरासत में, कुछ को किया गया नजरबंद
नर्मदापुरम। मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रस्तावित भोपाल कूच और मुख्यमंत्री आवास घेराव से पहले पुलिस-प्रशासन ने जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कई किसान नेताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ को नजरबंद किया गया। प्रशासन ने भोपाल की ओर बढ़ रहे किसानों को भोपाल से करीब 70 किलोमीटर पहले ही रोक दिया, जिससे आंदोलन और अधिक उग्र हो गया।
नर्मदापुरम के प्रसिद्ध सेठानी घाट पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए। यहां किसानों ने धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलन के दौरान किसानों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इसी तरह सिवनी मालवा क्षेत्र में भी किसानों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध दर्ज कराया।
धरने के दौरान क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष हरपाल सिंह सोलंकी ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें आंदोलन करने से रोका जा रहा है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष राकेश गौर ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को आगे नहीं जाने दिया गया तो सेठानी घाट पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
राकेश गौर ने आंदोलन के दौरान भावुक बयान देते हुए कहा कि यदि पुलिस ने किसी किसान के साथ बल प्रयोग किया तो आंदोलनकारी या तो नर्मदा नदी में कूद जाएंगे या फिर जहर खा लेंगे। इस बयान के बाद प्रशासन और पुलिस की सतर्कता और बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से संयम बनाए रखने और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की।
किसानों को भोपाल की ओर बढ़ने से रोकने के लिए नर्मदापुरम शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। भोपाल-बुधनी मार्ग सहित कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई। भोपाल चौराहे पर यातायात बंद कर दिया गया और लोगों को बुधनी जाने के लिए फोरलेन मार्ग से भेजा गया। इस व्यवस्था के कारण आम नागरिकों को लगभग 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
यातायात परिवर्तन का असर औद्योगिक इकाइयों और शैक्षणिक संस्थानों पर भी दिखाई दिया। ट्राइडेंट और वर्धमान कंपनी के कर्मचारियों को समय पर कार्यस्थल पहुंचने में कठिनाई हुई, जबकि सरकारी शिक्षकों और अन्य यात्रियों को भी लंबा रास्ता अपनाना पड़ा। कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं।
इधर, डोलरिया क्षेत्र में किसान क्रांति पदयात्रा में शामिल होने जा रहे क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के लगभग 30 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। इसके विरोध में कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और वहीं धरना देते हुए हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
पिपरिया रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र भार्गव को भोपाल रवाना होने से पहले हिरासत में ले लिया गया। वहीं सिवनी मालवा में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे को रेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया ताकि वे आंदोलन में शामिल न हो सकें।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक विभिन्न किसान संगठनों के करीब 14 पदाधिकारियों और नेताओं को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया जा चुका है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है और किसी भी व्यक्ति के साथ अनावश्यक सख्ती नहीं बरती जा रही।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन ने कहा कि किसी भी किसान को जबरन नहीं रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि केवल ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना और शांति बनाए रखना है।
भोपाल-बुधनी रोड स्थित डोंगरवाड़ा तिराहे पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस. थोटा सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसानों का पैदल मार्च आगे न बढ़ सके।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि किसानों को पैदल मार्च की अनुमति नहीं दी गई है। इसी कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन आंदोलनकारियों से लगातार संवाद बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करना और खाद वितरण के लिए पारदर्शी ई-टोकन व्यवस्था लागू करना है। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही और खरीदी प्रक्रिया में भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। दूसरी ओर प्रशासन किसी भी संभावित तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए लगातार रणनीति तैयार कर रहा है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस