पंजाब का मुखिया ही नशा करके विधानसभा पहुंचता है’, शिवराज चौहान का भगवंत मान पर बड़ा हमला; पूछा- नशे के सौदागरों को संरक्षण कौन दे रहा?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे के मुद्दे को लेकर हमला बोला। उन्होंने नशा तस्करों को संरक्षण मिलने का आरोप लगाते हुए सरकार से सवाल किया।
शिवराज चौहान ने भगवंत मान पर साधा निशाना, नशे के कारोबार और तस्करों के कथित संरक्षण पर पंजाब सरकार से मांगा जवाब
चंडीगढ़। पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है। भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने पहुंचे चौहान ने पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नशा तस्करी के नेटवर्क और उसके कथित संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े किए।
शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाने पर लेते हुए कहा, “पंजाब का तो मुखिया ही नशा करके विधानसभा में पहुंच जाता है, कितना बड़ा दुर्भाग्य है पंजाब का।” चौहान ने यह टिप्पणी नशे के मुद्दे पर भाजपा के अभियान के दौरान की। उनके इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।
नशे के सौदागरों को संरक्षण कौन दे रहा?
शिवराज चौहान ने पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए पूछा कि आखिर नशे के सौदागरों को संरक्षण कौन दे रहा है। उन्होंने सवाल किया कि तस्करों के ऊपर किसकी सुरक्षा की छाया है और किसके संरक्षण में उनका कारोबार फल-फूल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब में एक तरफ नशे के खिलाफ लड़ाई की बात की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ नशे से प्रभावित परिवारों की आवाज उठाने वालों के साथ कार्रवाई की जा रही है। चौहान ने कहा कि जिन बहनों और परिवारों के सदस्य नशे की वजह से प्रभावित हुए हैं, वे अपना दर्द और अपनी व्यथा सामने रखने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें पुलिस थाने में बैठाया गया।
उन्होंने पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर ऐसे परिवारों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें थाने में बैठाने की जरूरत क्यों पड़ी।
‘आप ने नशा खत्म करने का वादा किया था’
शिवराज चौहान ने आम आदमी पार्टी पर उसके पुराने वादे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले पंजाब में नशे की समस्या खत्म करने का वादा किया गया था, लेकिन आज भी ड्रग्स का मुद्दा राज्य की राजनीति और सामाजिक चिंता के केंद्र में बना हुआ है।
चौहान ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे पंजाब के परिवार और युवा भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने नशा तस्करी के नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
तलवंडी साबो से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का चौथा चरण
शिवराज सिंह चौहान सोमवार को एक दिवसीय पंजाब दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बठिंडा जिले के तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब में मत्था टेका। इसके बाद उन्होंने दाना मंडी, रविदासिया चौक से भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के चौथे चरण में हिस्सा लिया। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे।
भाजपा की ओर से पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का अभियान 18 सितंबर से शुरू किया गया है। चार अलग-अलग स्थानों से शुरू हुई यात्राओं का उद्देश्य राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचना है। यात्रा का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।
मैसरखाना में जनसभा को किया संबोधित
तलवंडी साबो के कार्यक्रम के बाद शिवराज सिंह चौहान मैसरखाना पहुंचे, जहां उन्होंने यात्रा के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने गुरुद्वारा तित्तरसर साहिब में पहुंचकर लंगर में हिस्सा लिया।
अपने पंजाब दौरे के अंतिम चरण में चौहान बठिंडा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में कृषि, ग्रामीण आजीविका और महिला समूहों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
भाजपा का दावा- नशे के खिलाफ बड़ा अभियान
भाजपा पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी अभियान चला रही है। पार्टी की चार यात्राएं लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की योजना के साथ आगे बढ़ रही हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और प्रभावित परिवारों की आवाज को सामने लाना है।
भाजपा के इस अभियान में नशे से प्रभावित परिवारों से बातचीत और उनके अनुभवों को भी प्रमुखता दी जा रही है। इससे पहले चंडीगढ़ में आयोजित ‘मावां मांगदियां जवाब’ कार्यक्रम में नशे से प्रभावित परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए थे।
AAP ने भी भाजपा पर उठाए सवाल
वहीं नशे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की ओर से भी भाजपा के अभियान पर सवाल उठाए गए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर सवाल उठाते हुए केंद्र और भाजपा शासित राज्यों में ड्रग्स की तस्करी को लेकर जवाब मांगा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से भी पंजाब में नशे की सप्लाई को रोकने के लिए सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मान ने दावा किया है कि पाकिस्तान से पंजाब में आने वाले नशे की सप्लाई को सरकार की कार्रवाई के बाद काफी हद तक कम किया गया है। यह दावा मुख्यमंत्री की ओर से किया गया है।
नशे का मुद्दा बना सियासी टकराव का केंद्र
पंजाब में नशे का मुद्दा अब भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन गया है। भाजपा अपनी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के जरिए राज्य सरकार को घेर रही है, जबकि आप नेता भाजपा से केंद्र और भाजपा शासित राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई तथा तस्करी को लेकर जवाब मांग रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव के बीच आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नशे के कारोबार को लेकर सीधे सवाल करते हुए पूछा कि आखिर नशे के सौदागरों को संरक्षण कौन दे रहा है और उनके कारोबार को किसकी पनाह मिल रही है।
इस बीच भाजपा का अभियान 30 सितंबर तक जारी रहने वाला है। जालंधर में प्रस्तावित समापन कार्यक्रम के साथ पंजाब में नशे के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस