सरपंच पति की बेरहमी से हत्या, गर्दन पर कुल्हाड़ी के वार के निशान; 40 से ज्यादा ग्रामीणों से पूछताछ, पुराने विवादों की खुल रही परतें
खंडवा के बोरखेड़ा में सरपंच पति रूमसिंग की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह नदी के पास उनका शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने FSL और डॉग स्क्वायड की मदद से जांच शुरू कर दी है।
पिपलोद थाना क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा में महिला सरपंच ज्ञानीबाई के पति रूमसिंग की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह नदी के पास रास्ते में उनका शव मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मृतक के गले और सिर पर गहरे चोट के निशान मिले हैं।
बोरखेड़ा में रूमसिंग की लाश खेत के रास्ते पर मिली, रात में घर से निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। पुलिस ने डॉग स्क्वायड, फिंगरप्रिंट टीम और अलग-अलग जांच दल लगाए; आरोपी की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपए इनाम
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के बोरखेड़ा इलाके में सरपंच के पति की हत्या से सनसनी फैल गई। बोरखेड़ा पंचायत की सरपंच ज्ञानीबाई के पति रूमसिंग का शव शुक्रवार सुबह खंडवा-अमरावती स्टेट हाईवे से जुड़े रास्ते पर मिला। उनके शरीर पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार किया गया था।
रूमसिंग का शव टांडा से बोरखेड़ा जाने वाले मार्ग पर उस स्थान के पास मिला, जहां उनका खेत है। खेत में केले की फसल लगी हुई है। सुबह शव मिलने की सूचना के बाद पिपलोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को जांच के दायरे में लेते हुए साक्ष्य जुटाना शुरू किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। एडिशनल एसपी महेंद्रसिंह तारणेकर के निर्देशन में अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया गया है। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों के साथ डॉग स्क्वायड ने भी मौके का निरीक्षण किया।
डॉग स्क्वायड की जांच में एक टांडे तक पहुंचा स्निपर डॉग
हत्या की जांच के दौरान पुलिस के स्निपर डॉग ने घटनास्थल से आगे बढ़ते हुए बार-बार अतिक्रमणकारी लाखा के टांडे की दिशा पकड़ी। बताया गया कि डॉग लाखा के भाई सुखलाल के घर तक पहुंचा और वहां अंदर भी गया।
इसके बाद पुलिस ने लाखा के परिवार से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। हालांकि पुलिस की ओर से अभी किसी व्यक्ति को हत्या का आरोपी घोषित नहीं किया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों से घटना से पहले और बाद की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने गांव के 40 से अधिक लोगों को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। जांच अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि रूमसिंग को आखिरी बार किसने देखा था, वह रात में किससे मिले थे और हत्या के समय हाईवे तथा खेत के आसपास कौन-कौन मौजूद था।
रात करीब 9 बजे निकले, सुबह मिली हत्या की खबर
रूमसिंग के साले संतोष जमरे के मुताबिक, रूमसिंग रात करीब 9 बजे घर से निकले थे। अगले दिन सुबह उनके परिवार को सूचना मिली कि रास्ते में धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई है।
परिजनों के अनुसार बोरखेड़ा में रूमसिंग की चक्की का काम चल रहा था और फाउंडेशन से जुड़ा निर्माण कार्य भी किया जा रहा था। इसी सिलसिले में उनका गांव और बोरखेड़ा के बीच आना-जाना रहता था।
सुबह करीब 7:30 बजे उनके बोरखेड़ा जाने की बात भी परिजनों ने बताई है। इसके बाद उनकी गतिविधियों और रात में घर से निकलने के बीच की कड़ी को पुलिस जांच रही है।
हत्या से पहले एक सप्ताह से चल रहा था विवाद
परिजनों का कहना है कि रूमसिंग और गांव के एक विरोधी गुट के बीच पिछले करीब एक सप्ताह से विवाद चल रहा था। इसी दौरान दोनों पक्ष अपनी-अपनी शिकायतें लेकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई तक पहुंचे थे।
एक तरफ सरपंच पक्ष की ओर से कुछ ग्रामीणों पर विवाद करने और धमकाने के आरोप लगाए गए थे। दूसरी ओर ग्रामीणों ने पंचायत के कामकाज में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें की थीं।
पुलिस अब इन शिकायतों और विवादों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या हालिया विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
PDS दुकान को लेकर भी विवाद का दावा
रूमसिंग के साले संतोष जमरे ने पीडीएस यानी राशन दुकान को लेकर भी विवाद होने की बात कही है। उनके अनुसार राशन दुकान को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। उनका दावा है कि इस मुद्दे को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
परिजन का आरोप है कि विरोधी गुट के कुछ लोग दुकानों और चौराहों पर बैठकर चुनाव से पहले रूमसिंग को नुकसान पहुंचाने की धमकी देते थे। हालांकि इन आरोपों की पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है।
पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है कि क्या रूमसिंग को पहले से किसी तरह की धमकी मिली थी और क्या उन धमकियों की जानकारी किसी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी को दी गई थी।
दो साल पहले बेटे की हत्या का मामला भी जांच में शामिल
इस हत्याकांड में एक पुराना मामला भी पुलिस की जांच का हिस्सा बन गया है। परिजनों के अनुसार करीब दो साल पहले रूमसिंग के बेटे की भी हत्या हुई थी। उसकी लाश घटना के करीब 10 दिन बाद जंगल में मिली थी।
उस समय हत्या का मामला अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था। अब परिवार को आशंका है कि बेटे की हत्या और रूमसिंग की हत्या के पीछे एक ही विवाद या गुट की भूमिका हो सकती है।
पुलिस पुराने हत्याकांड की फाइल और उससे जुड़े लोगों की जानकारी भी खंगाल सकती है। हालांकि वर्तमान हत्या को पुराने मामले से जोड़ने के लिए अभी पुलिस के सामने ठोस निष्कर्ष आना बाकी है।
जंगल के अतिक्रमण को लेकर भी रहा विवाद
रूमसिंग से जुड़े विवादों में बोरखेड़ा के जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण का मामला भी सामने आया है। इसी मामले में उनकी पत्नी और बोरखेड़ा पंचायत की सरपंच ज्ञानीबाई के खिलाफ जिला पंचायत सीईओ स्तर से कार्रवाई हुई थी और उन्हें पद से हटाया गया था।
बाद में हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिलने की बात सामने आई है। परिजनों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर भी रूमसिंग की कुछ लोगों से अनबन थी।
अब पुलिस पंचायत संबंधी विवाद, पीडीएस दुकान, अतिक्रमण और पुराने विवाद समेत सभी संभावित कारणों को जांच के दायरे में रख रही है।
पोला पर्व की बैठक भी जांच के घेरे में
घटना वाले दिन पोला त्योहार को लेकर पटेल और चौधरी समाज की बैठक होने की जानकारी भी सामने आई है। संतोष जमरे के अनुसार पोला उस दिन नहीं बल्कि अगले दिन मनाया जाना था।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैठक में कौन-कौन लोग शामिल हुए थे और क्या रूमसिंग की हत्या से पहले या बाद में किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध रही। पुलिस घटना के समय की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।
पोस्टमॉर्टम के बाद स्पष्ट होगी चोटों की स्थिति
रूमसिंग के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए खंडवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद हत्या में इस्तेमाल हथियार, चोटों की प्रकृति और मौत के समय को लेकर पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के रास्तों, खेत और हाईवे क्षेत्र की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात के दौरान कोई वाहन या संदिग्ध व्यक्ति वहां से गुजरा था या नहीं।
आरोपी की सूचना देने वाले को 10 हजार का इनाम
हत्या के आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। एडिशनल एसपी महेंद्रसिंह तारणेकर ने कहा है कि गांव या किसी अन्य समाज के व्यक्ति के पास घटना से जुड़ी गोपनीय जानकारी हो तो वह पुलिस तक पहुंचा सकता है।
पुलिस ने सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने की बात कही है। व्यक्ति सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर भी जानकारी दे सकता है।
फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है।
कई विवाद, एक हत्या और कई सवाल
रूमसिंग की हत्या के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल हत्या की वास्तविक वजह और हमलावरों की पहचान का है। पंचायत विवाद से लेकर राशन दुकान, अतिक्रमण और पुराने पारिवारिक मामले तक कई कड़ियां सामने आ रही हैं।
पुलिस इन सभी पहलुओं को अलग-अलग जांच रही है। अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर किसी एक व्यक्ति या गुट को हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और साक्ष्य सामने आने के बाद ही हत्याकांड की तस्वीर साफ हो सकेगी।
फिलहाल 40 से ज्यादा ग्रामीणों से पूछताछ, पांच लोगों की हिरासत, डॉग स्क्वायड की जांच और 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा से साफ है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर आरोपियों तक पहुंचने में जुटी है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस