शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान: लाड़ली बहनों को धीरे-धीरे ₹3,000 देने की बात कही, बोले- महिलाएं नाराज हुईं तो सरकारों को पड़ेगा भारी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन के भोजपुर में कहा कि लाड़ली बहना जैसी योजनाएं महिलाओं की आर्थिक ताकत बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने वर्तमान में 1500 रुपये की सहायता राशि धीरे-धीरे 3000 रुपये तक पहुंचाने का भरोसा दिया। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर सरकार को लाड़ली बहना जैसी योजनाएं जारी रखनी पड़ेंगी। रायसेन के भोजपुर में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिलाओं से पूछा कि योजना की राशि कितनी बढ़नी चाहिए। इस पर महिलाओं ने ₹3000 करने की आवाज लगाई।
मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने को लेकर फिर चर्चा तेज, फिलहाल महिलाओं को हर महीने मिल रहे ₹1,500; केंद्रीय मंत्री ने नहीं बताई बढ़ोतरी की तारीख
रायसेन। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये करने को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को धीरे-धीरे 3,000 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि राशि में बढ़ोतरी कब से शुरू होगी और किस समय तक महिलाओं को पूरी रकम मिलने लगेगी। फिलहाल योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान रायसेन जिले के भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की आर्थिक स्थिति, लाड़ली बहना योजना के प्रभाव और महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब अपनी ताकत पहचान चुकी हैं और अपने अधिकारों को लेकर पहले से अधिक जागरूक हुई हैं। यदि महिलाएं नाराज हो गईं, तो सरकारों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
उनके इस बयान के बाद प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, फिलहाल इसे राशि बढ़ाने की समयबद्ध सरकारी घोषणा नहीं माना जा सकता, क्योंकि मंत्री ने किसी निश्चित तारीख या चरण का उल्लेख नहीं किया।
महिलाओं ने की 3,000 रुपये प्रतिमाह देने की मांग
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित महिलाओं से पूछा कि लाड़ली बहना योजना के तहत उन्हें कितनी आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। इस पर महिलाओं ने राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। महिलाओं की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सहायता राशि 3,000 रुपये तक पहुंचाई जाएगी।
शिवराज ने कहा कि मध्य प्रदेश में शुरू की गई इस योजना को मुख्यमंत्री ने जारी रखा है। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सरकारों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भी महिलाओं के हितों का ध्यान रखना होगा।
हालांकि, योजना की राशि में बढ़ोतरी को लेकर अभी महिलाओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह कब से मिलेंगे। फिलहाल इस संबंध में कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। इसलिए महिलाओं को प्रस्तावित बढ़ोतरी और वर्तमान में मिल रही सहायता राशि के बीच अंतर समझना जरूरी है।
महिलाओं की आर्थिक परेशानी देखकर शुरू की गई थी योजना
शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना शुरू करने के पीछे की सोच बताते हुए कहा कि उन्होंने बचपन से गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को आर्थिक परेशानियों से जूझते देखा है। कई महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी परिवार के दूसरे सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि कई बार महिलाओं को 1,000 या 2,000 रुपये जैसी छोटी रकम के लिए भी पति अथवा परिवार के अन्य सदस्यों से पैसे मांगने पड़ते थे। कई महिलाओं के पास अपने मायके जाने तक के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते थे। ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं के पास अपनी जरूरतों और इच्छाओं को पूरा करने के लिए स्वतंत्र आर्थिक संसाधन नहीं थे।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लाड़ली बहना योजना शुरू की गई। इसका उद्देश्य महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाना था, ताकि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर सकें और छोटे-बड़े आर्थिक फैसले लेने में अधिक स्वतंत्र बनें।
आर्थिक सहायता से परिवार में बढ़ा महिलाओं का सम्मान
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि योजना के शुरू होने के बाद महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने महिलाओं से पूछा था कि उनके खाते में आर्थिक सहायता आने से घर-परिवार में क्या बदलाव आया है।
उनके मुताबिक, कई महिलाओं ने बताया कि अब परिवार में उन्हें पहले से अधिक सम्मान मिलने लगा है। सास का व्यवहार अधिक स्नेहपूर्ण हुआ है और पति भी उनकी जरूरतों तथा राय को पहले की तुलना में अधिक महत्व देने लगे हैं।
शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य केवल महिलाओं को आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना भी है। जब महिलाओं के पास अपनी आमदनी का एक निश्चित साधन होता है, तो वे परिवार की जरूरतों में योगदान देने के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत खर्चों के लिए भी दूसरों पर कम निर्भर रह सकती हैं।
हालांकि, योजना के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने के लिए महिलाओं की आय, घरेलू निर्णयों में उनकी भागीदारी और आर्थिक स्वतंत्रता जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।
मध्य प्रदेश से दूसरे राज्यों तक पहुंचा आर्थिक सहायता का मॉडल
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना शुरू होने के बाद दूसरे राज्यों में भी महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देने की मांग बढ़ी। इसके बाद विभिन्न राज्यों में महिलाओं के लिए अलग-अलग नामों से योजनाएं शुरू की गईं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ राज्यों में लाड़ली बहना, कहीं लड़की बहना और कहीं मंईयां सम्मान योजना जैसे नामों से महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उनका कहना था कि महिलाओं ने अपनी ताकत पहचान ली है। अब वे अपने अधिकारों, जरूरतों और आर्थिक हितों को लेकर पहले से अधिक सजग हैं। महिलाओं के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं का असर केवल उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है।
इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में योजनाओं की पात्रता, सहायता राशि और भुगतान की शर्तें अलग हो सकती हैं।
महिलाएं अब अपने वोट का फैसला खुद लेती हैं
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले यह धारणा प्रचलित थी कि परिवार का मुखिया या गांव का प्रभावशाली व्यक्ति जिस राजनीतिक दल का समर्थन करता है, परिवार के दूसरे सदस्य भी उसी दल को वोट देते हैं।
महिलाओं के मतदान को लेकर भी ऐसी ही सोच रही है। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और महिलाएं अपने राजनीतिक फैसले स्वयं लेने लगी हैं। वे अपनी पसंद के उम्मीदवार और पार्टी को वोट देने का निर्णय खुद करती हैं।
इस दौरान उन्होंने एक महिला से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि लाड़ली बहना योजना के बाद उस महिला पर कांग्रेस को वोट देने का दबाव बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। शिवराज के मुताबिक, महिला उनके पास पहुंची, जिसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई।
यह घटना बताते हुए उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके मताधिकार के महत्व पर जोर दिया। हालांकि, घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं रखी गई।
लाड़ली बहना के साथ लखपति दीदी अभियान पर भी जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को केवल सरकारी आर्थिक सहायता पर निर्भर रखने के बजाय उन्हें स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। इसके लिए लखपति दीदी अभियान को आगे बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सालाना आमदनी कम से कम एक लाख रुपये होनी चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण, बैंकिंग सुविधाएं और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की जरूरत है, ताकि वे छोटे कारोबार शुरू कर सकें।
महिलाएं सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, कृषि आधारित व्यवसाय और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें बाजार तक पहुंच, कारोबार संबंधी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता भी मिले।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अधिक योगदान दे सकेंगी।
किसानों की बिजली और पानी की समस्या पर भी बोले शिवराज
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के किसानों की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसानों को बिजली और पानी से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि कार्यक्रम के बाद वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री से चर्चा करेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
खेती में बिजली की उपलब्धता सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषकर ऐसे क्षेत्रों में जहां किसान सिंचाई के लिए बिजली से चलने वाले पंपों पर निर्भर हैं, वहां बिजली की अनियमित आपूर्ति फसलों और उत्पादन को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में किसानों की मांगों पर कार्रवाई और समय पर समाधान जरूरी है।
किसानों को नई तकनीक का प्रशिक्षण देने की पहल
केंद्रीय मंत्री ने किसानों को आधुनिक और बेहतर खेती की तकनीक सिखाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि किसानों के एक समूह को प्रशिक्षण के लिए भुवनेश्वर भेजा गया है। उनके आने-जाने, रहने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसान अतिरिक्त खर्च की चिंता किए बिना प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि किसानों को नई तकनीकों और खेती के बेहतर तरीकों की जानकारी मिलने से कृषि उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिल सकती है। आधुनिक कृषि पद्धतियों का लाभ तभी व्यापक स्तर पर मिलेगा, जब किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएं।
अब लाड़ली बहनों को 3,000 रुपये मिलने का इंतजार
शिवराज सिंह चौहान के बयान के बाद लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने को लेकर महिलाओं की उम्मीदें बढ़ी हैं। फिलहाल पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिल रहे हैं, जबकि कार्यक्रम में उन्होंने धीरे-धीरे इस राशि को 3,000 रुपये तक पहुंचाने की बात कही।
लेकिन राशि बढ़ाने की तारीख, बढ़ोतरी की प्रक्रिया और लागू होने के समय को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में महिलाओं को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में शामिल है। इस योजना के जरिए महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देने का उद्देश्य उन्हें अधिक आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राशि बढ़ाने को लेकर सरकार आगे क्या निर्णय लेती है और महिलाओं को बढ़ी हुई सहायता कब तक मिल पाती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस