लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो हमलों,गैर कानूनी बुलडोजर,फर्जी मुकदमों में राजनैतिक अधिकारों का प्रयोग करना बंद करे ।
उरई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने संयुक्त रूप से एक दिवसीय प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदर्शन के माध्यम से लोकतांत्रिक अधिकारों पर कथित हमलों, बुलडोजर कार्रवाई, फर्जी मुकदमों, नेताओं की नजरबंदी और जन आंदोलनों पर रोक का विरोध किया गया। विभिन्न संगठनों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर कई मांगें रखीं।
उरई में वाम दलों का एकदिवसीय प्रतिवाद, बुलडोजर कार्रवाई और फर्जी मुकदमों का किया विरोध
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग, वामपंथी दलों ने उठाई आवाज
बुलडोजर कार्रवाई, नजरबंदी और फर्जी मुकदमों के खिलाफ संयुक्त प्रदर्शन
राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर वाम दलों ने उठाए कई मुद्दे
उरई । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी ) लिबरेशन तथा आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक की तरफ से आज के एक दिवसीय प्रतिवाद कार्यक्रम के माध्यम से आपका ध्यान उत्तर प्रदेश सहित देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों, गैरकानूनी बुलडोजर राज, फर्जी मुकदमों में आरोपी बनाने, राजनैतिक अधिकारों का प्रयोग न करने देने और जन आन्दोलनों व प्रदर्शनों से पहले नेताओं को नजरबंद करने की हो रही घटनाओं की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उलंघन करते हुए अल्पसंख्यक, दलित-आदिवास् विरोधी बुल्डोजर अभियान यथावत चल रहा है। भाजपा से असहमति रखने वाले, सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों का दमन करके फूर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेजा जा रहा है। अपने हन अधिकार के लिए संघर्ष करने वाले मजदूरों को जेलों में कैद कर दिया गया है। किसी भी लोकतांत्रिक कार्यक्रम संचालित करने की अनुमति नहीं है। लोकतांत्रिक प्रदर्शन के पूर्व नेताओं व कार्यकर्ताओं को अवैध हाउस अरेस्ट क आम नियम बना दिया गया है। महिलाओं व दलितों के खिलाफ हिंसा की एक से बढ़कर एक घटनाएं हो । अधियों को सच का वरदहस्त प्रा है। गैरकानूनी एनकाउंटर को खुली छूट अभी राममंदिर के दान व चढ़ावे में उजागर हुई लूट से जनता की धार्मिक
करते हैं अतः हम आपसे निम्नलिखित मानों पर आपके हर और सरकार को यथोचित निर्देश देने की अ
मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम के हत्याकांड में न्याय की माग करने वाले परिजनों प्रदर्शनकारियोंकर मनुवादी, हिंसक व गैर-संवैधानिक बर्ताव करने वाले एसपी अविनाश पांडेय को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा दी जाए।
करीब दो दर्जन छात्रों की जान लेने वाले नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय हो, जंतर-मंतर पर चल रहे सौजेपी. आइसा सहित छात्र-युवा संगठनों के आदोलन व भूख हड़ताल की मांगों को माना जाए, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी एनटीए को भंग किया जा
अयोध्या चदा चोरी मामले में लिपापोती बंद हो, विश्वसनीय जांच कराई जाए, जवाबदेही तय की जाए, चंपत राय सहित सभी दोषियों को कड़ी सजा दी जाए और आरएसएस के नियंत्रण वाले मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए
. प्रदेश में दलितों, गरीबों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों पर बुलडोजर चलाना बंद हो। गैरकानूनी बुलडोजर राज पर रोक लगे। बुल्डोजर कार्रवाई से पीड़ित परिवारों का समुचित पुनर्वास किया जाए तथा मुआवजा दिया जाए। प्रदेश में सरकारी व वन विभाग की जमीनों पर आबाद भूमिहीनों, दलितों, आदिवासियों को उन जमीनों का मालिकाना हक दिया जाए।
नोएडा सहित अन्य जगहों पर हुए मजदूर आंदोलनों में गिरफ्तार सभी मजदूरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व समर्थक बुद्धिजीवियों को रिहा किया जाए और फर्जी मुकदमे हटाये जाएं।
जन आंदोलनों से ठीक पहले नेताओं-कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट करने, नजरबंद करने और गैरकानूनी हिरासत में रखने की प्रदेश में चल रही शासकीय कार्रवाइयों पर कहाई से रोक लगाई जाए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार पर कोई भी पाबंदी अस्वीकार्य है।
प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा आदि जिलों में रह रहे कोल, मुसहर, बियार, गोंड आदि आदिवासी समुदायों को जनजाति (एसटी) का दर्जा दिया जाए। इन जातियों को वनाधिकार कानून के दायरे में शामिल कर वनाधिकार कानून 2006 को लागू किया जाए।
. दलित उत्पीडन की घटनाओं के लिए जिलाधिकारी (डीएम) व पुलिस अधीक्षक (एसपी) की सीधी जिम्मेदारी तय की जाए।
. प्रदेश में महिला हिंसा व उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को विशेष कदम उठाने के लिए निर्देशित किया जाए। बलात्कारियों, अपराधियों को संरक्षण देने व सम्मानित करने पर कड़ाई से रोक लगाई जाए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस