शिक्षा मंत्री के करीबी BJP नेता ने इंजीनियर्स से की मारपीट: कैश छीना, UPI से भी कराए पैसे ट्रांसफर; आरोपी जेल भेजा, 3 फरार
गिरफ्तार किए गए भाजपा नेता को शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का करीबी बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई दर्ज शिकायत और पुख्ता आरोपों के आधार पर की गई है।
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी के दो इंजीनियरों से मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और पैसे वसूलने के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार किया है
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी के दो इंजीनियरों के साथ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में भाजपा नेता अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में शामिल तीन अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
भाजपा नेता अजीत उर्फ लकी कौरव को प्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का करीबी बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई इंजीनियरों की शिकायत और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
रेलवे स्टेशन के साइकिल स्टैंड पर बुलाया
पुलिस के अनुसार घटना 30 अगस्त की शाम करीब 5 बजे की है। एनटीपीसी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत रोहित गौतम और सैय्यद नूरुद्दीन को गाडरवारा रेलवे स्टेशन स्थित साइकिल स्टैंड पर बुलाया गया था। दोनों वहां पहुंचे तो आरोप है कि पहले से मौजूद चार लोगों ने उन्हें घेर लिया।
आरोपियों ने दोनों इंजीनियरों के साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। अचानक हुए हमले से दोनों इंजीनियरों में दहशत का माहौल बन गया।
पीड़ितों की शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने उनसे पैसे की मांग की। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और धमकी दी गई। आरोप है कि हमलावरों ने इंजीनियरों से करीब 4 से 5 हजार रुपए नकद छीन लिए।
नकदी लेने के बाद UPI से भी कराया ट्रांसफर
मामला सिर्फ नकदी छीनने तक सीमित नहीं रहा। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने इंजीनियरों से जबरन UPI के जरिए ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर करवाए। यानी आरोप है कि पीड़ितों से पहले नकद राशि ली गई और इसके बाद डिजिटल माध्यम से भी पैसे भेजने के लिए मजबूर किया गया।
घटना के बाद दोनों इंजीनियरों ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद गाडरवारा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाया।
BNS की इन धाराओं में FIR
पुलिस ने इंजीनियरों की शिकायत के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2), 309(6), 351(3) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण में शिकायत के आधार पर आरोपों की जांच की जा रही है। घटनास्थल और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की गई है।
मुख्य आरोपी अजीत उर्फ लकी कौरव गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और इसके बाद गुरुवार को उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
तीन आरोपी अभी फरार
इस मामले में कुल चार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। इनमें से मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान के मुताबिक, दोनों पीड़ित एनटीपीसी में इंजीनियर हैं। उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और जांच के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों पर इंजीनियरों से मारपीट करने, धमकी देने के साथ नकदी लेने और ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने के आरोप हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
राजनीतिक कनेक्शन की भी चर्चा
मामले में भाजपा नेता का नाम सामने आने के बाद इसकी राजनीतिक चर्चा भी शुरू हो गई है। अजीत उर्फ लकी कौरव को प्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का करीबी बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस राजनीतिक संबंध को लेकर कोई अलग कार्रवाई की बात सामने नहीं आई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में कार्रवाई शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जा रही है। फिलहाल मुख्य आरोपी जेल भेजा जा चुका है और पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश कर रही है।
इंजीनियरों की शिकायत के बाद तेज हुई कार्रवाई
घटना के बाद एनटीपीसी के दोनों इंजीनियरों की शिकायत पुलिस के लिए कार्रवाई का आधार बनी। शिकायत में मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, नकदी छीनने और ऑनलाइन माध्यम से पैसे ट्रांसफर कराने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे आरोपियों का उद्देश्य क्या था और पीड़ितों से कितनी राशि नकद तथा डिजिटल माध्यम से ली गई। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि तीन आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
नोट: पुलिस जांच पूरी होने और न्यायालय के अंतिम निर्णय तक आरोपियों पर लगे आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस