भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी का विवादित बयान: बोले- 'जंतर-मंतर पर छात्रों से ज्यादा पंचर और चाबी बनाने वाले थे', सियासत गरमाई

भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी एक बार फिर से अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं. इस बार रमेश बिधूड़ी ने नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल छात्रों को लेकर टिप्पणी की है.

भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी का विवादित बयान: बोले- 'जंतर-मंतर पर छात्रों से ज्यादा पंचर और चाबी बनाने वाले थे', सियासत गरमाई

भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर हुए NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में छात्रों से ज्यादा 'पंचर और चाबी बनाने वाले' लोग थे। जानिए उन्होंने क्या कहा और पूरा मामला क्या है।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर आयोजित NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान दिया है। दिल्ली के तुगलकाबाद एमबी रोड पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में वास्तविक छात्रों की संख्या कम थी, जबकि "पंचर लगाने वाले और चाबी बनाने वाले" लोग अधिक मौजूद थे। उनके इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

रमेश बिधूड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की बड़ी आबादी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने हजारों युवाओं को प्रदर्शन में शामिल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में छात्रों से ज्यादा ऐसे लोग मौजूद थे जिनका आंदोलन से कोई संबंध नहीं था। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि "देश की आबादी इतनी ज्यादा है कि बरगलाकर-बहलाकर 20-50 हजार बच्चों को ले जाया गया। बेरोजगार पंचर लगाने वाले वहां ज्यादा थे। ताला-चाबी बनाने वाले वहां ज्यादा थे। छात्र कम थे।"

उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर जो भीड़ जुटी थी, उसमें वास्तविक छात्रों की संख्या बहुत कम थी और बाकी लोग केवल माहौल बनाने के लिए लाए गए थे। उनका यह बयान सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इसे छात्रों और मेहनतकश वर्ग का अपमान बताते हुए भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया।

पीएम मोदी को लेकर टिप्पणी करने वालों पर भी साधा निशाना

अपने भाषण के दौरान रमेश बिधूड़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले युवाओं पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोई भी सच्चा भारतीय अपने प्रधानमंत्री और देश के बारे में इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा, "भारत का बेटा और भारत की बेटी मोदी जी के बारे में इस तरह की बातें नहीं कर सकते। जो लोग ऐसी भाषा बोल रहे थे, वे पंचर लगाने वालों की ही औलादें होंगी, उन्हीं के खानदान के लोग होंगे।"

बिधूड़ी की इस टिप्पणी को लेकर भी विवाद बढ़ गया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और इससे मेहनतकश वर्ग का अपमान होता है।

NEET पेपर लीक आंदोलन को लेकर बढ़ा था विरोध

NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ी संख्या में छात्र, विभिन्न छात्र संगठन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।

इसी प्रदर्शन को लेकर रमेश बिधूड़ी ने दावा किया कि आंदोलन में वास्तविक छात्रों की संख्या कम थी और अन्य लोगों को भीड़ बढ़ाने के लिए शामिल किया गया था। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी किया था प्रदर्शन का जिक्र

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई को इंस्टाग्राम लाइव के दौरान जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने उनके और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए उचित नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध की भी एक मर्यादा होती है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत अपमान और अशोभनीय भाषा किसी भी आंदोलन की गरिमा को कम करती है। इसके बावजूद उन्होंने ऐसे युवाओं को माफ करने की बात कही और संयम बनाए रखने की अपील की।

राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

रमेश बिधूड़ी के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने इसे छात्रों और श्रमिक वर्ग का अपमान बताते हुए भाजपा से स्पष्टीकरण की मांग की है। कई नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।

वहीं भाजपा समर्थकों का कहना है कि बिधूड़ी का बयान उन लोगों पर केंद्रित था जो कथित तौर पर छात्रों के आंदोलन की आड़ में राजनीतिक माहौल बनाने पहुंचे थे। हालांकि पार्टी की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे राजनीतिक टिप्पणी बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसे असंवेदनशील और आपत्तिजनक करार दे रहे हैं। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर इस मुद्दे को लेकर पक्ष और विपक्ष में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

रमेश बिधूड़ी का यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। उनके बयान ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। विपक्ष इसे सरकार और भाजपा के खिलाफ मुद्दा बनाने की कोशिश करेगा, जबकि भाजपा की ओर से इस पर क्या आधिकारिक रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।