बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के लिए फरिश्ता बनी बजरंग सेवादल की टीम, नहलाकर पहनाए नए कपड़े और कराया भोजन

बाराबंकी में कोटवा धाम मार्ग पर गाजीपुर के पास मानसिक रूप से अस्वस्थ और बेसहारा व्यक्ति की बदहाल हालत देखकर बजरंग सेवादल की टीम मदद के लिए आगे आई। जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह समेत संगठन के पदाधिकारियों ने उसके बाल-दाढ़ी कटवाकर स्नान कराया, नए कपड़े पहनाए और भोजन कराया। सेवा के बाद व्यक्ति के चेहरे पर आई मुस्कान ने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। संगठन ने इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बताया।

बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के लिए फरिश्ता बनी बजरंग सेवादल की टीम, नहलाकर पहनाए नए कपड़े और कराया भोजन

गाजीपुर के पास बेसहारा व्यक्ति की बदहाल हालत देख मदद को आगे आई बजरंग सेवादल की टीम

भीषण गर्मी और भूख से था बेहाल, कई दिनों से सड़क पर भटक रहा था मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति

बाल-दाढ़ी कटवाकर नहलाया, नए कपड़े पहनाए और सम्मान के साथ कराया भोजन

बाराबंकी। जनपद बाराबंकी में मानवता और सेवा की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। कोटवा धाम जाने वाले मार्ग पर गाजीपुर के पास कई दिनों से फटे-पुराने कपड़ों में लावारिस हालत में भटक रहे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की हालत देखकर बजरंग सेवादल संगठन की टीम ने उसकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया। भीषण गर्मी, भूख और बदहाल स्थिति से जूझ रहे इस व्यक्ति के लिए संगठन के सदस्यों ने न सिर्फ भोजन और कपड़ों की व्यवस्था की, बल्कि उसे साफ-सफाई कराकर सम्मानजनक जीवन का एहसास भी कराया।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक उक्त व्यक्ति कई दिनों से क्षेत्र में इधर-उधर भटक रहा था। उसके शरीर पर पुराने और फटे कपड़े थे, बाल और दाढ़ी काफी बढ़े हुए थे तथा गर्मी और भूख के कारण उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। वह अपनी जरूरतों को ठीक से बता पाने की स्थिति में भी नहीं था। उसकी दयनीय स्थिति देखकर स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी बजरंग सेवादल संगठन के पदाधिकारियों को दी।

सूचना मिलते ही बजरंग सेवादल संगठन के जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ तहसील अध्यक्ष आशुतोष शुक्ला, तहसील सचिव सुमित कौशल सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले उस व्यक्ति की स्थिति को समझने का प्रयास किया और उससे आत्मीयता के साथ बातचीत कर विश्वास कायम किया।

बाल-दाढ़ी कटवाकर कराया स्नान, नए कपड़े पहनाए

सेवा कार्य के दौरान संगठन के सदस्यों ने सबसे पहले मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के अत्यधिक बढ़े हुए बाल और दाढ़ी कटवाने की व्यवस्था की। इसके बाद उसे नहलाया गया और साफ-सुथरे नए कपड़े पहनाए गए। लंबे समय से बदहाल स्थिति में रह रहे व्यक्ति के चेहरे पर साफ-सफाई और नए कपड़े पहनने के बाद बदलाव साफ नजर आने लगा।

टीम के सदस्यों ने इसके बाद उसे सम्मानपूर्वक भोजन कराया। भूख से बेहाल व्यक्ति ने जब भोजन किया तो उसके चेहरे पर संतोष और राहत दिखाई दी। कुछ समय पहले तक जो व्यक्ति सड़क किनारे बेबसी की हालत में पड़ा था, उसके चेहरे पर आई मुस्कान देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह पूरा सेवा कार्य किसी औपचारिकता या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत के भाव से किया गया। संगठन के सदस्यों ने व्यक्ति की स्थिति को समझते हुए उसके साथ परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार किया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी सेवा कार्य में सहयोग किया।

गुलाब सिंह बोले- बेसहारा लोगों की मदद करना सामाजिक जिम्मेदारी

बजरंग सेवादल संगठन के जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह ने कहा कि सड़क पर रहने वाले बेसहारा, जरूरतमंद और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सहायता करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अक्सर समाज की उपेक्षा का सामना करना पड़ता है, जबकि उन्हें सबसे अधिक सहयोग और संवेदनशीलता की जरूरत होती है।

उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास मौजूद जरूरतमंद लोगों की ओर थोड़ा ध्यान दे और अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करे, तो कई बेबस जिंदगियों को बेहतर बनाया जा सकता है। किसी जरूरतमंद को भोजन कराना, कपड़े देना, उसकी साफ-सफाई कराना या संकट की स्थिति में उसके साथ खड़ा होना भी मानवता की बड़ी सेवा है।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सेवा का वास्तविक उद्देश्य केवल मदद करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अवसर देना है। मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि उन्हें सड़कों पर लावारिस हालत में जीवन न बिताना पड़े।

सेवा कार्य में संगठन के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने दिया सहयोग

इस पूरे सेवा कार्य में बजरंग सेवादल संगठन के जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह, ग्राम अध्यक्ष आलोक यादव, तहसील सचिव सुमित कौशल, तहसील अध्यक्ष आशुतोष शुक्ला, जिला कार्यकारिणी सदस्य सूरज यादव, जिला कार्यकारिणी सदस्य नवमी लाल यादव, प्रवेश कुमार सहित स्थानीय ग्रामवासियों ने अपना सहयोग प्रदान किया।

संगठन के सदस्यों ने कहा कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने की जरूरत है। अक्सर सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे लोग दिखाई देते हैं, जो बीमारी, मानसिक परेशानी, गरीबी या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बेसहारा हो जाते हैं। ऐसे लोगों को देखकर आगे बढ़ जाने के बजाय यदि कोई व्यक्ति उनकी मदद के लिए आगे आए, तो उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

चेहरे की मुस्कान बनी सेवा की सबसे बड़ी खुशी

इस पूरे सेवा कार्य का सबसे भावुक क्षण उस समय सामने आया, जब साफ-सफाई, स्नान, नए कपड़े और भोजन मिलने के बाद व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। उसकी आंखों और चेहरे पर संतोष देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।

स्थानीय लोगों ने बजरंग सेवादल की टीम के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्यों की जरूरत है। मानवता किसी जाति, धर्म या वर्ग की सीमा में नहीं बंधती। किसी परेशान और बेसहारा व्यक्ति के लिए मदद का हाथ बढ़ाना ही सच्ची इंसानियत है।

गाजीपुर के पास कोटवा धाम मार्ग पर हुआ यह सेवा कार्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि समाज में संवेदनशील लोगों की छोटी-सी पहल भी किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी राहत बन सकती है। सड़क पर बेबसी में जीवन गुजार रहे उस व्यक्ति के चेहरे पर लौटी मुस्कान ने सेवा करने वालों को भी यह एहसास कराया कि इंसानियत के लिए किया गया छोटा सा प्रयास किसी के जीवन में उम्मीद की बड़ी किरण बन सकता है।