चंबल के बीहड़ों में फिर बढ़ा डकैत कल्ली गुर्जर का खौफ, 8 थानों की पुलिस 15 दिन से जंगलों में कर रही सर्चिंग

चंबल के बीहड़ों में 60 हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश तेज हो गई है। मुरैना और ग्वालियर के करीब 8 थानों की पुलिस 15 दिनों से जंगलों में सर्चिंग कर रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कल्ली अपने चार साथियों के साथ तोर गांव के आसपास मौजूद था, लेकिन टीम पहुंचने से पहले वह जंगल के रास्ते निकल गया। ग्रामीणों में धमकी के कारण दहशत है और पुलिस को सूचना देने से लोग बच रहे हैं। बारिश के चलते सर्च ऑपरेशन में भी मुश्किलें आ रही हैं।

चंबल के बीहड़ों में फिर बढ़ा डकैत कल्ली गुर्जर का खौफ, 8 थानों की पुलिस 15 दिन से जंगलों में कर रही सर्चिंग

60 हजार का इनामी कल्ली गुर्जर फिर पुलिस के रडार पर

8 थानों की टीमें 15 दिन से बीहड़ों में कर रहीं सर्चिंग

पुलिस पहुंचने से पहले चार साथियों संग जंगल से निकला कल्ली

निरार से पहाड़गढ़ तक जंगलों में बढ़ाई गई निगरानी

ग्रामीणों को धमकी का दावा, पुलिस को सूचना देने से 

मुरैना/ग्वालियर। चंबल के बीहड़ों में एक बार फिर डकैत गिरोह की गतिविधियों की खबर ने पुलिस और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। 60 हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर और उसके साथियों के मुरैना जिले के निठार, पहाड़गढ़ और जौरा क्षेत्र के जंगलों में छिपे होने की सूचना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। मुरैना और ग्वालियर जिले के करीब आठ थानों की पुलिस टीमें पिछले लगभग 15 दिनों से बीहड़ों, जंगलों और पहाड़ी रास्तों को खंगाल रही हैं। पुलिस के विशेष दस्ते भी इस अभियान में लगाए गए हैं।

पुलिस को करीब चार दिन पहले सूचना मिली थी कि कल्ली गुर्जर अपने कुछ साथियों के साथ निरार थाना क्षेत्र के तोर गांव के आसपास देखा गया है। सूचना मिलते ही मुरैना और ग्वालियर पुलिस की संयुक्त टीमों ने गांव के आसपास घेराबंदी कर जंगलों में सर्चिंग शुरू कर दी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कल्ली गुर्जर अपने चार साथियों के साथ जंगल के रास्ते फरार हो गया।

इसके बाद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन का दायरा और बढ़ा दिया। निरार से सबलगढ़ और जौरा से पहाड़गढ़ तक फैले जंगलों और बीहड़ों में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों की तलाश कर रही हैं। दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों में पुलिस लगातार पैदल गश्त कर रही है।

आठ थानों की टीमें लगातार जंगलों में सक्रिय

कल्ली गुर्जर की तलाश में मुरैना और ग्वालियर जिले की पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चला रही है। ग्वालियर जिले के घाटीगांव, पनिहार, मोहना, तिघरा, आरोन और गिठई सहित मुरैना के कई थानों की पुलिस टीमों को अभियान में लगाया गया है।

पुलिस की टीमें जंगलों में मौजूद संभावित ठिकानों, पहाड़ी रास्तों, नदी-नालों और ग्रामीण इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह जंगलों में छिपने के साथ-साथ अपने परिचितों और रिश्तेदारों के घरों में भी शरण ले सकता है। इसी वजह से पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है।

सर्चिंग के दौरान पुलिस द्वारा उन स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है जहां गिरोह के सदस्य कुछ समय के लिए ठहर सकते हैं। पुलिस स्थानीय स्तर पर मिलने वाली हर सूचना को गंभीरता से लेकर उसकी पुष्टि करने में जुटी है।

ग्रामीणों में दहशत, सूचना देने से बच रहे लोग

डकैत गिरोह की मौजूदगी की चर्चा के बाद बीहड़ से लगे गांवों में दहशत का माहौल बताया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि गिरोह की ओर से पुलिस को सूचना देने पर गोली मारने की धमकी दी गई है। यही वजह है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान कई ग्रामीण पुलिस को गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी देने से बच रहे हैं।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीहड़ क्षेत्र में स्थानीय सूचना तंत्र का कमजोर होना है। जंगल और पहाड़ी इलाकों की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पुलिस के लिए हर संभावित ठिकाने तक पहुंचना आसान नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों से मिलने वाली सूचना पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध व्यक्ति या डकैत गिरोह की गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

हाईवे पर कंटेनर से रंगदारी मांगने की वारदात ने बढ़ाई चिंता

कल्ली गुर्जर और उसके गिरोह को लेकर पुलिस की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर-शिवपुरी हाईवे पर मोहना और घाटीगांव के बीच एक गंभीर वारदात सामने आई थी।

बताया गया कि दिल्ली से भोपाल जा रहे एक कंटेनर ट्रक को बदमाशों ने रास्ते में रोक लिया और ड्राइवर से रंगदारी की मांग की। आरोप है कि ड्राइवर द्वारा रंगदारी देने से इनकार करने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गोलीबारी में ट्रक के 12 टायरों को गोलियों से छलनी कर दिया गया।

इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस इस वारदात को भी डकैत गिरोह की संभावित गतिविधियों से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि, गिरोह की इस वारदात में प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

गुड्डा गुर्जर के गिरोह से जुड़कर अपराध की दुनिया में आया

कल्ली गुर्जर मूल रूप से मुरैना के सरायछोला थाना क्षेत्र के बखासिन गांव का रहने वाला बताया जाता है। पुलिस के अनुसार वह चंबल के कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर के गिरोह से जुड़कर अपराध की दुनिया में आया था। इसके बाद वह खुद भी पुलिस के लिए चुनौती बनता गया।

कल्ली गुर्जर का नाम वर्ष 2022 में एक नाबालिग लड़की से जबरन सगाई और शादी की जिद को लेकर चर्चा में आया था। आरोप था कि लड़की के परिजनों द्वारा विरोध किए जाने के बाद फायरिंग की गई। इस घटना के बाद पुलिस की नजर कल्ली गुर्जर पर लगातार बनी रही।

समय के साथ उसके खिलाफ कई आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले सामने आने की बात कही गई है। वर्तमान में उस पर 60 हजार रुपये का इनाम घोषित है और पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार अभियान चला रही है।

बारिश ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें

चंबल के बीहड़ों में इस समय बारिश का मौसम होने के कारण पुलिस के लिए सर्च ऑपरेशन और मुश्किल हो गया है। बारिश के चलते जंगलों में रास्ते खराब हो गए हैं और कई स्थानों पर कीचड़ तथा जलभराव की स्थिति है। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण पुलिस टीमों को पैदल तलाशी अभियान चलाना पड़ रहा है।

बारिश के बीच जंगलों में लंबे समय तक सर्चिंग करना पुलिसकर्मियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों की तलाश कर रही हैं।

पुलिस का दावा—जल्द गिरफ्त में आएगा इनामी डकैत

एएसपी सुरेंद्र पाल के अनुसार ग्वालियर और मुरैना दोनों जिलों की पुलिस संयुक्त रूप से डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से अपेक्षित स्तर पर सूचना नहीं मिलने के कारण पुलिस को उसे पकड़ने में परेशानी हो रही है।

एएसपी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग से गिरोह तक पहुंचना आसान होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि बारिश के मौसम में जंगलों में सर्चिंग में कठिनाई जरूर आ रही है, लेकिन अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि कल्ली गुर्जर को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संभावित रास्तों और ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।

फिलहाल चंबल के बीहड़ों में पुलिस की लगातार मौजूदगी और सर्चिंग से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस की कोशिश है कि कल्ली गुर्जर और उसके साथियों को जंगलों से बाहर निकलने का मौका न मिले और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।