उज्जैन में फिर चला बुलडोजर, बेगमबाग की 11 इमारतें जमींदोज: महाकाल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए बड़ी कार्रवाई, अब बनेगा ब्रिज; 106 में से 99 निर्माण हटाए गए

मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रशासन ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सिंहस्थ महाकुंभ के लिए रास्ते में रही 11 अवैध घरों पर ऐक्शन लिया है।

उज्जैन में फिर चला बुलडोजर, बेगमबाग की 11 इमारतें जमींदोज: महाकाल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए बड़ी कार्रवाई, अब बनेगा ब्रिज; 106 में से 99 निर्माण हटाए गए

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज हो गई है। महाकाल मंदिर पहुंचकर मार्ग के बेगमबाग क्षेत्र में नगर निगम ने 11 इमारतों को हटाने की कार्रवाई शुरू की है। खास बात यह रही कि इन इमारतों को भवन मालिकों ने पहले खुद खाली किया, जिसके बाद नगर निगम के बुलडोजर और पोकलेन मशीनों से इन्हें जमींदोज किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस प्रशासन का अमला मौके पर मौजूद रहा।

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर उज्जैन में महाकाल मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों का चौड़ीकरण तेज हो गया है। शनिवार सुबह बेगमबाग क्षेत्र में एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। नगर निगम और उज्जैन विकास प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में 11 इमारतों को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान भवन मालिकों ने विरोध करने के बजाय खुद ही अपने मकान और इमारतें खाली कर दीं।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग को चौड़ा करने का रास्ता साफ हो रहा है। इस क्षेत्र में चौड़ीकरण के बाद ब्रिज निर्माण भी प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाना और महाकाल मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना है।

1985 में 30 साल की लीज पर दिए गए थे 48 भूखंड

बेगमबाग क्षेत्र में यह जमीन उज्जैन विकास प्राधिकरण की है। वर्ष 1985 में यहां 48 भूखंड 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किए गए थे। प्रत्येक भूखंड का क्षेत्रफल करीब 2400 वर्गफीट था। आरोप है कि आवासीय उपयोग के लिए आवंटित जमीन पर नियमों के विपरीत व्यावसायिक निर्माण कर लिए गए। मूल 48 भूखंडों का विभाजन कर करीब 106 अलग-अलग निर्माण खड़े कर दिए गए। वर्ष 2014-15 में लीज अवधि समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण भी नहीं कराया गया।

कोर्ट से स्टे हटने के बाद प्रशासन का एक्शन

लीज समाप्त होने के बाद उज्जैन विकास प्राधिकरण ने संबंधित भूखंड धारकों को नोटिस जारी किए थे। भवन मालिकों ने इस कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और अलग-अलग मामलों में स्थगन आदेश प्राप्त किए। बाद में न्यायालय से स्टे हटने और नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, भवन मालिकों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने खुद ही इमारतें खाली कर दीं।

दो साल में सात चरणों में हटाई गईं 88 बिल्डिंगें

बेगमबाग क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई पिछले करीब दो वर्षों से जारी है। प्रशासन अब तक सात चरणों में 88 इमारतें हटा चुका है। शनिवार को 11 और निर्माण जमींदोज किए गए। इस तरह कुल 106 में से 99 निर्माण हटाए जा चुके हैं। शेष सात निर्माणों पर भी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद, वैकल्पिक रास्तों से यातायात

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते बेगमबाग क्षेत्र में चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया। प्रशासन का फोकस महाकाल मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों को सुगम और व्यवस्थित बनाने पर है।

सिंहस्थ 2028 से पहले बदलेगी महाकाल मार्ग की तस्वीर

सिंहस्थ 2028 में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इसी को देखते हुए महाकाल मंदिर के आसपास के मार्गों का चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। बेगमबाग में निर्माण हटने के बाद प्रस्तावित ब्रिज का रास्ता भी तैयार होगा। आने वाले समय में इस क्षेत्र की सड़क और यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।