धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, ₹1 करोड़ मुआवजा समेत CJP ने सरकार के सामने रखीं तीन बड़ी मांगें, इधर अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान की मीटिंग

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की रिहाई और NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिजनों को मुआवजा शामिल है।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, ₹1 करोड़ मुआवजा समेत CJP ने सरकार के सामने रखीं तीन बड़ी मांगें, इधर अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान की मीटिंग

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और तीन प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई समेत तीन मांगे रखी हैं.

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच सोमवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच लंबी बैठक हुई। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की। वहीं, CJP ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

करीब चार घंटे तक चली इस बैठक को दोनों पक्षों ने सौहार्दपूर्ण बताया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पहले मौखिक रूप से अपनी बातें रखी गईं, जिसके बाद लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया। हालांकि बैठक के बाद किसी ठोस फैसले की घोषणा नहीं हुई।

जेपी नड्डा ने क्या कहा

बैठक के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने लिखा कि सुबह करीब 11:50 बजे से बातचीत शुरू हुई और पूरे सौहार्दपूर्ण माहौल में चली।

उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से चर्चा की गई। पहले मौखिक रूप से उनकी बात सुनी गई और बाद में शाम करीब चार बजे लिखित याचिका भी उन्हें सौंपी गई। नड्डा ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया है कि वे अपना धरना समाप्त करें और प्रशासन को सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग दें।

CJP ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

बैठक के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी का कहना है कि इन मांगों पर कार्रवाई होने के बाद ही धरना समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

पहली मांग यह है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान या तो स्वयं इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए।

दूसरी मांग यह रखी गई कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर आने की अनुमति दी जाए और उनका अनशन समाप्त कराया जाए।

तीसरी मांग के तहत पार्टी ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

सौरव दास ने क्या कहा

CJP नेता सौरव दास ने भी सोशल मीडिया पर बैठक को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वह और आशुतोष रांका दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी सहित सभी मांगों से सरकार को अवगत करा दिया गया है।

सौरव दास के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह इन मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन या वादा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

दिल्ली पुलिस ने की संयम बरतने की अपील

इधर, दिल्ली पुलिस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शनकारियों और आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने कहा कि सभी प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं और किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों।

पुलिस ने लोगों से ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों द्वारा दिए जाने वाले कानूनी निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी। पुलिस ने कहा कि नागरिक केवल विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

धरना स्थल खाली कराया गया

बैठक के बाद भी धरना समाप्त नहीं हुआ। इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को खाली करवा दिया। धरना स्थल पर लगाए गए सभी टेंट हटाए गए और पूरे इलाके को खाली कराया गया।

इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस क्षेत्र में एकत्र हो गए, जिससे इलाके में भारी भीड़ और लंबा जाम लग गया। यातायात भी काफी प्रभावित हुआ।

संसद मार्च के दौरान हुआ था तनाव

इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया था। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग भी किया।

घटना के बाद CJP नेता सौरव दास ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में एक लड़की पर हमला हुआ और 40 से 50 लोगों के सिर फूट गए। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ऐसे दावे पूरी तरह झूठे और भ्रामक हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।

आगे क्या होगा

फिलहाल सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता खुला हुआ है, लेकिन किसी अंतिम सहमति तक बात नहीं पहुंची है। CJP अपनी तीन मांगों पर सरकार से स्पष्ट निर्णय चाहती है, जबकि सरकार की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की गई है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या बातचीत के जरिए इस गतिरोध का समाधान निकल पाता है। फिलहाल राजधानी दिल्ली में स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।