खाद नहीं मिली तो कलेक्टर जिम्मेदार! CM मोहन यादव की दोटूक, अवैध शराब के नेटवर्क पर भी कसेगा शिकंजा

अवैध शराब, ड्रग्स और रेत के कारोबार पर कार्रवाई में ढिलाई को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने पुलिस मुख्यालय में अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त करने, नारकोटिक्स का इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने और अवैध कारोबार में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

खाद नहीं मिली तो कलेक्टर जिम्मेदार! CM मोहन यादव की दोटूक, अवैध शराब के नेटवर्क पर भी कसेगा शिकंजा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को प्रदेश के सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने दीपावली और किसानों की जरूरतों को देखते हुए पूरे प्रशासनिक अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद या अन्य किसी तरह की परेशानी हुई तो इसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।

भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध रेत कारोबार और संगठित अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसी भी तरह का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अवैध शराब के कारोबार और ड्रग्स माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अपराध और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि अपराधियों के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने की दिशा में काम करना होगा।

बैठक में पांच जिलों में फैले अवैध शराब कारोबार के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब की अवैध बिक्री, परिवहन और वितरण के किसी भी तरीके को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। एजेंटी, पैकारी और डायरी व्यवस्था जैसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

शराब की दुकानें निर्धारित, फिर एजेंटों के माध्यम से बिक्री क्यों?

अवैध शराब के कारोबार को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब प्रदेश में शराब बिक्री के लिए दुकानें निर्धारित हैं तो फिर एजेंटों के माध्यम से शराब की बिक्री कैसे हो रही है? उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों के अलावा अन्य माध्यमों से होने वाली बिक्री पर तत्काल प्रभावी रोक लगाई जाए।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों और जिला आबकारी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री और परिवहन रोकना केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। पुलिस और आबकारी विभाग को मिलकर काम करना होगा। प्रत्येक जिले में जिम्मेदारी तय की जाए और जहां लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से एजेंटी, पैकारी और डायरी व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इन माध्यमों से होने वाले अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में चलने नहीं दिया जाएगा। अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

ड्रग्स माफिया पर कार्रवाई के लिए मजबूत करें इंटेलिजेंस नेटवर्क

बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी और ड्रग्स माफिया के खिलाफ चल रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नारकोटिक्स विंग के कामकाज पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में ड्रग्स के अवैध कारोबार को रोकने के लिए राज्य पुलिस को अपनी कार्रवाई और खुफिया तंत्र मजबूत करना होगा।

उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि प्रदेश में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जैसी केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, जबकि राज्य पुलिस को भी अपने स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने एडीजी नारकोटिक्स को निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए इंटेलिजेंस व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि नारकोटिक्स विंग को आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य प्रदेश में ड्रग्स के कारोबार से जुड़े लोगों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी युवाओं और समाज के लिए गंभीर चुनौती है, इसलिए इसके खिलाफ अभियान लगातार चलाया जाना चाहिए।

अवैध रेत कारोबार पर भी होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामलों को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार की तरह ही रेत के अवैध कारोबार पर भी प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी संदेश दिया कि अवैध कारोबार को रोकने में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में लगातार अवैध गतिविधियां सामने आती हैं तो वहां के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

पुलिस मुख्यालय में नियुक्त होगा अधिकृत प्रवक्ता

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस की सूचना व्यवस्था और मीडिया के साथ संवाद को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देशित किया कि पुलिस मुख्यालय में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों के लिए तत्काल एक अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति में पुलिस की ओर से समय पर सही और अधिकृत जानकारी सामने आनी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए मीडिया और आम नागरिकों को इधर-उधर भटकना पड़े।

उन्होंने कहा कि सूचना के अभाव में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। इसलिए पुलिस मुख्यालय में एक अधिकृत व्यवस्था विकसित की जाए, जिसके माध्यम से घटनाओं और पुलिस की कार्रवाई से संबंधित तथ्यात्मक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जा सके।

दीपावली पर खतरनाक पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर नजर

बैठक में दीपावली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों में खतरनाक और विस्फोटक पटाखों की बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित या खतरनाक पटाखों के इस्तेमाल को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि दीपावली के पावन पर्व पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से परिवार के छोटे सदस्यों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। उन्होंने कार्बाइड और इस प्रकार के विस्फोटक पटाखों से होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति आगाह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पटाखों से आंखों की रोशनी तक जाने का खतरा रहता है। इसलिए नागरिक अपने परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें। दीपावली खुशियों और उत्साह का पर्व है, इसे सुरक्षित तरीके से मनाना सभी की जिम्मेदारी है।

खाद की कमी हुई तो कलेक्टर की तय होगी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने बैठक में किसानों की जरूरतों और खाद की उपलब्धता को लेकर भी प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। प्रदेश के सभी जिलों में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी जिले में किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ता है तो इसके लिए संबंधित जिले के कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने प्रशासनिक अमले को पहले से तैयार रहने और खाद वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर खाद और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारी लगातार निगरानी करें, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने बैठक के अंत में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि दीपावली और किसानों की जरूरतों को देखते हुए पूरा प्रशासनिक अमला सतर्क और सक्रिय रहे। एक ओर जहां त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर अवैध शराब, ड्रग्स, रेत और अन्य संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों में कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाएं। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में हुई इस बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अवैध कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी, दीपावली की सुरक्षा और किसानों को खाद की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब पुलिस और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करें।