कालपी अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस अधीक्षक की बड़ी कार्रवाई, कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी लाइन हाजिर; अपहरण के बाद हत्या मामले में लापरवाही पर गिरी गाज, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
कालपी अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस अधीक्षक की बड़ी कार्रवाई, कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी लाइन हाजिर; अपहरण के बाद हत्या मामले में लापरवाही पर गिरी गाज, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
कालपी हत्याकांड:पुलिस अधीक्षक ने कोतवाल को किया लाइन हाजिर, पुलिस महकमे में हड़कंप
उरई। कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार के अपहरण के बाद हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुरुआती जांच में लापरवाही और शिथिलता बरतने के आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कालपी कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर की शाम कालपी क्षेत्र के दुर्गा मंदिर चौराहे से अधिवक्ता गयादीन अहिरवार को किसी केस की फाइल पर चर्चा करने के बहाने कार में बैठाकर अगवा किया गया था। इसके बाद आरोपियों ने उनकी हत्या कर शव कानपुर के सचेंडी क्षेत्र की नहर में फेंक दिया था। रविवार सुबह आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता ने पहले भी विवाद को लेकर पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन उस समय अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी और सुरक्षा भी नहीं दी गई। इसी शिथिलता को लेकर कोतवाली प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
हत्याकांड के बाद अधिवक्ता समाज में गहरा आक्रोश है। कालपी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सभी संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है। विरोध के चलते जिले के विभिन्न न्यायालयों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि फरार चल रहे मुख्य आरोपी मोनू यादव की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत की निगरानी में विशेष टीमें बाकी आरोपियों की तलाश और मामले की गहन जांच में जुटी हैं।
अब पीड़ित परिवार, अधिवक्ता समाज और क्षेत्र के लोगों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि हत्याकांड में शामिल शेष आरोपी कब गिरफ्तार होंगे और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस