CM मोहन यादव ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- ‘ये पप्पू है कि मानता ही नहीं, कांग्रेस का बेड़ा गर्क करके ही मानेगा’: बैतूल में 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटा 30 करोड़ का बोनस, 443 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बैतूल दौरे के दौरान विकास कार्यों की सौगातों का पिटारा खोलने के साथ ही कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ये पप्पू है कि मानता ही नहीं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले किसानों को फूटी कौड़ी तक नहीं मिलती थी। किसानों की जमीन नीलाम की जाती थी और उनके साथ अन्याय होता था। उन्होंने चुनाव में हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाने को लेकर भी कांग्रेस को घेरा।
बैतूल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बैतूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, 'ये पप्पू है कि मानता ही नहीं, कांग्रेस का पता नहीं कहां बेड़ा गर्क कराएगा।' उन्होंने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रदर्शन और चुनाव में हार-जीत के बाद ईवीएम को लेकर विपक्ष के अलग-अलग रुख पर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने बैतूल, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिले के 3 लाख 69 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को करीब 30 करोड़ रुपए का बोनस वितरित किया। इस दौरान संग्राहकों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुल 443 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया। आयोजन के दौरान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और किसानों तथा वन उपज संग्राहकों के हित में किए जा रहे कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई।
राहुल गांधी पर तंज, कांग्रेस को लेकर कही तीखी बात
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा, 'ये पप्पू है कि मानता ही नहीं। कांग्रेस का पता नहीं कहां बेड़ा गर्क कराएगा।' मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में चुनावी हार को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां हारने पर हाय-रे चिल्ला रहे हैं, जबकि केरल में जीत मिलने पर चुप बैठ गए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के रहते पार्टी की लुटिया रोज डूब रही है। देश के 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से से कांग्रेस की झाड़ू लग चुकी है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने प्रदर्शन और राजनीतिक स्थिति पर विचार करना चाहिए।
हारने पर ईवीएम पर सवाल, जीतने पर चुप्पी क्यों?
मुख्यमंत्री ने चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में ईवीएम के माध्यम से चुनाव होते हैं और इन्हीं मशीनों से अलग-अलग राज्यों में सरकारें बनती हैं। लेकिन जब कोई पार्टी चुनाव हार जाती है तो ईवीएम को खराब बताने लगती है और जीत मिलने पर इसी व्यवस्था पर कोई सवाल नहीं उठाती।
उन्होंने कहा कि हारने और जीतने पर अलग-अलग बातें करना ठीक नहीं है। यह दोमुंही बात नहीं चलेगी, क्योंकि जनता सब कुछ समझती है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कर्नाटक जैसे राज्य में भी पार्टी सभी सीटों पर हार गई। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जहां-जहां पार्टी के कदम पड़ते हैं, वहां उसके कर्मों के कारण बंटाधार हो जाता है। उन्होंने तंज में कहा कि जब आदमी ही बंटाधार हो तो फिर क्या किया जा सकता है।
कांग्रेस शासनकाल में किसानों को नहीं मिलता था उपज का पैसा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने शासनकाल की तुलना मौजूदा सरकार से करते हुए किसानों के मुद्दे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में किसानों को उनकी उपज का पैसा तक नहीं मिलता था। किसानों को फूटी कौड़ी नहीं मिलती थी और कई बार उनकी जमीन नीलाम होने की नौबत आ जाती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार जनता के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही हैं। किसानों और वन उपज संग्राहकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी मजदूरी का हक पहले ही दिया जा चुका है और अब बोनस के माध्यम से उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला 30 करोड़ का बोनस
बैतूल में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण रहा। मुख्यमंत्री ने बैतूल, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम के कुल 3.69 लाख संग्राहकों को करीब 30 करोड़ रुपए की बोनस राशि वितरित की। इस दौरान संग्राहकों के सम्मान में फूलों की वर्षा भी की गई।
तेंदूपत्ता संग्रहण ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में बोनस वितरण को संग्राहकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण कर विकास परियोजनाओं को गति देने का संदेश दिया।
बैतूल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए मांगे 50 करोड़
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने जिले के विकास को लेकर मुख्यमंत्री के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने बैतूल में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और शिक्षा, खेल, पर्यटन तथा सिंचाई के क्षेत्र में नई परियोजनाएं शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मांगी।
हेमंत खंडेलवाल ने पेयजल व्यवस्था के लिए 48 करोड़ रुपए की मांग रखी। इसके अलावा गीता भवन, हाट बाजार, रामघाटी परियोजना और कालेमेश्वर स्टोरेज सिंचाई परियोजना के लिए भी राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों के विकास के लिए 47 करोड़ रुपए मांगे गए। वहीं खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैतूल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए 50 करोड़ रुपए की मांग रखी गई। उन्होंने जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बटरफ्लाई पार्क विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया, जिसके लिए 3 करोड़ रुपए की आवश्यकता बताई।
औद्योगिक विकास के लिए जंगल से बाहर जमीन देने का सुझाव
हेमंत खंडेलवाल ने बैतूल में औद्योगिक विकास की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जिले में उद्योग स्थापित करने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है। जमीन की कमी के कारण औद्योगिक गतिविधियों को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने सुझाव रखा कि उद्योगों की स्थापना के लिए जंगल से बाहर उपलब्ध जमीन का उपयोग किया जाए। इसके बदले भिंड-मुरैना क्षेत्र के बीहड़ की जमीन देने का विकल्प भी सुझाया। उनका कहना था कि यदि औद्योगिक इकाइयों के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो जाए तो बैतूल में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
443 करोड़ के विकास कार्यों से बैतूल संभाग को सौगात
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान 443 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में विकास गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में पेयजल, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन, खेल और औद्योगिक विकास जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
एक ओर मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस देकर वन क्षेत्रों में काम करने वाले परिवारों को आर्थिक राहत देने का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक हमले कर आगामी चुनावी माहौल को लेकर भी अपने तेवर दिखाए। कार्यक्रम में विकास योजनाओं के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा का प्रमुख विषय रही।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस