CM मोहन यादव ने किसानों को दी 3300 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात, 82.70 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 4-4 हजार रुपये

सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 82.70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 3,300 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की।

CM मोहन यादव ने किसानों को दी 3300 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात, 82.70 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 4-4 हजार रुपये

खंडवा में मोहन यादव ने किसानों के खातों में पहुंचे 3300 करोड़ रुपए, बोले- सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए 16 विभाग मिलकर करेंगे काम.

खंडवा। मध्य प्रदेश के लाखों किसानों का लंबे समय से इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा जिले से आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 82.70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 3300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस बार किसानों को एक साथ 4-4 हजार रुपये की राशि उनके खातों में भेजी गई। पिछले वर्ष अगस्त के बाद से इस योजना की किस्त नहीं मिलने के कारण किसान लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती पर अन्न पैदा करते हैं और पूरे देश का पेट भरते हैं। इसलिए सरकार किसानों के सम्मान और उनकी आर्थिक समृद्धि के लिए लगातार नई योजनाएं और निर्णय लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। सरकार समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सीधी आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के 82 लाख 70 हजार से अधिक किसानों को एक साथ 4-4 हजार रुपये की सहायता राशि मिलना सरकार की किसान हितैषी सोच का प्रमाण है।

उन्होंने बलराम कृषि महोत्सव के महत्व पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बलराम को भारतीय कृषि परंपरा का प्रथम देवता माना जाता है और उनके सम्मान में प्रदेशभर में बलराम महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार ने वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत किसानों को आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती, नई तकनीकों और कृषि नवाचारों से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ताकत और क्षमता को पहचान रही है। भारत की संस्कृति "वसुधैव कुटुम्बकम" और "जियो और जीने दो" की भावना पर आधारित है। उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पहली रोटी गाय के लिए और अंतिम रोटी कुत्ते के लिए निकालने की परंपरा रही है, जो हमारी संवेदनशील संस्कृति का परिचायक है।

सिंचाई सुविधाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले दो दशकों के दौरान सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2002-03 से पहले जहां सिंचाई का रकबा लगभग 44 लाख हेक्टेयर था, वहीं अब यह बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि केवल पिछले ढाई वर्षों में ही 10 लाख हेक्टेयर से अधिक सिंचाई क्षेत्र बढ़ाया गया है। सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं, बिजली, सड़क, जल प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार निवेश कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसान ड्रोन तकनीक का उपयोग कर खेतों में खाद और बीज का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे खेती करना और अधिक सुविधाजनक होगा।

कृषि के साथ पशुपालन को भी किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। वर्तमान में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि दर को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए दुग्ध उत्पादन, डेयरी विकास और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं को विस्तार दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा अगले महीने से प्रदेशवासियों को सरकारी रोडवेज बस सेवा की सुविधा भी मिलने लगेगी, जिससे आम लोगों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर परिवहन उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए एयर एंबुलेंस जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के साथ ओंकारेश्वर धाम सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हजारों करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल किसानों को आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई, गुणवत्तापूर्ण बिजली, कृषि यंत्रीकरण और पशुपालन जैसी गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और किसानों की मेहनत के बल पर मध्य प्रदेश कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और किसानों की आय में लगातार वृद्धि होगी।

राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत जारी की गई 3300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से प्रदेश के लाखों किसानों को खरीफ सीजन के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी। खेती-किसानी के लिए आवश्यक बीज, खाद और अन्य कृषि संसाधनों की व्यवस्था करने में यह राशि किसानों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी।