बारिश में गौवंश की सुरक्षा को लेकर DM-SP सख्त: गौशालाओं का निरीक्षण, चारा-पानी, शेड और जल निकासी दुरुस्त रखने के निर्देश
उरई में DM राजेश कुमार पाण्डेय और SP विनय कुमार सिंह ने बबीना व कदौरा की गौशालाओं का निरीक्षण किया। बारिश में जलभराव रोकने, पर्याप्त शेड, चारा-पानी, साफ-सफाई और बीमार गोवंश के समय पर उपचार के निर्देश दिए।
बारिश में गौवंश की सुरक्षा को लेकर DM-SP सख्त, गौशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
उरई। बारिश के मौसम में निराश्रित गोवंश की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने गौशालाओं की व्यवस्थाओं की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने अस्थाई गौशाला बबीना एवं कान्हा गौशाला कदौरा का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दोनों गौशालाओं में पहुंचकर गोवंश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में गोवंश के लिए की गई व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। उन्होंने चारा-पानी, शेड, जल निकासी, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। बारिश के दौरान गौशालाओं में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और गोवंश को सुरक्षित स्थान मिल सके, इसको लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि बारिश के मौसम में गोवंश को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पर्याप्त और सुरक्षित शेड की व्यवस्था हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान खुले स्थानों में रहने वाले गोवंश को सुरक्षित शेड में रखा जाए, ताकि उन्हें बारिश और खराब मौसम से बचाया जा सके।
उन्होंने गौशाला परिसर में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि नालियों और जल निकासी के रास्तों की नियमित सफाई कराई जाए, जिससे बारिश का पानी परिसर में जमा न हो। जलभराव से गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई को लेकर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं में नियमित रूप से सफाई कराई जाए और गोवंश के रहने वाले स्थानों को स्वच्छ रखा जाए। गोबर और अन्य अपशिष्ट को समय से हटाने के साथ ही परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
गोवंश के भोजन और पेयजल की व्यवस्था की भी अधिकारियों ने जानकारी ली। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध रहना चाहिए। साथ ही गोवंश के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था लगातार बनी रहे। बारिश के कारण चारे के खराब होने या पानी दूषित होने की स्थिति न आए, इसके लिए भी आवश्यक इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने बीमार और कमजोर गोवंश पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ऐसे गोवंश की नियमित निगरानी कर उनकी पहचान करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पशु चिकित्सकों के माध्यम से समय-समय पर गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, ताकि किसी बीमारी या संक्रमण की स्थिति में समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
बारिश के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पहले से रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि गौशालाओं में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था हो। विशेष रूप से भारी बारिश के दौरान शेड, जल निकासी और चारे की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि निराश्रित गोवंश की सुरक्षा और देखभाल प्रशासन की प्राथमिकता है। बारिश के मौसम में उनकी स्थिति पर विशेष नजर रखी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि गोवंश को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो।
उन्होंने यह भी कहा कि गौशालाओं में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। यदि कहीं शेड, चारा, पानी, साफ-सफाई या जल निकासी से जुड़ी समस्या है तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मौके पर मिली कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाए।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी गौशालाओं की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने बारिश के दौरान गोवंश की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे इंतजामों की समीक्षा की। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मौसम खराब होने की स्थिति में भी गौशालाओं में रह रहे गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि गौशालाओं में रहने वाले गोवंश की नियमित देखभाल के साथ-साथ मौसम के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव भी किया जाए। बारिश के दौरान शेड की मजबूती, फर्श की स्थिति, पानी की निकासी और चारे को सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गौशाला संचालन से जुड़े कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कहा गया कि गोवंश के स्वास्थ्य और भोजन से संबंधित किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। इससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि गोवंश की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गौशालाओं का नियमित निरीक्षण जारी रखें और शासन-प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी कालपी विनय कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद, खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और बारिश के दौरान गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।
जिला प्रशासन की इस पहल से बारिश के मौसम में गौशालाओं में रह रहे निराश्रित गोवंश को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्थाओं को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चारा-पानी, स्वास्थ्य, शेड, साफ-सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस