संस्कृत विद्यालय में छात्र की तबीयत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती: DM-SP ने लिया जायजा; सभी विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण, चारपाई पर सोने के निर्देश
उरई में संस्कृत विद्यालय के छात्र की तबीयत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज में भर्ती; DM-SP पहुंचे, सभी छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया
संस्कृत विद्यालय में छात्र की तबीयत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज में भर्ती
छात्र की तबीयत बिगड़ी तो DM-SP पहुंचे विद्यालय, सभी का स्वास्थ्य परीक्षण
विषैले कीड़े के काटने की आशंका, संस्कृत विद्यालय में छात्र भर्ती
उरई। श्री कृष्ण संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुरु का इटौरा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। छात्र के गले में तेज दर्द की शिकायत के बाद विद्यालय प्रबंधन ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह तत्काल विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर छात्र की स्थिति, विद्यालय की व्यवस्थाओं और अन्य विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। छात्र की हालत को देखते हुए उसे उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर छात्र को किसी विषैले कीड़े के काटने की आशंका जताई है। हालांकि छात्र की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारण का पता चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
छात्र के गले में था तेज दर्द
जानकारी के अनुसार छात्र ने गले में तेज दर्द और असहजता की शिकायत की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय किया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय पहुंची और विद्यार्थियों की जांच शुरू की। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यदि किसी अन्य छात्र में भी स्वास्थ्य संबंधी कोई लक्षण हैं, तो उनकी पहचान समय रहते हो सके और उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
DM-SP ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने केवल छात्र के स्वास्थ्य की जानकारी ही नहीं ली, बल्कि विद्यालय में विद्यार्थियों के रहने, खाने और सोने की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन से छात्रों की दिनचर्या और उनकी सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि संस्कृत विद्यालय में गुरुकुल परंपरा के अनुरूप ब्रह्मचर्य अवस्था में विद्यार्थी जमीन पर सोते हैं। विद्यालय में यह व्यवस्था परंपरा का हिस्सा है और छात्र इसका पालन कर रहे हैं।
हालांकि वर्तमान में बरसात का मौसम होने और जहरीले कीड़े-मकौड़ों की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
जमीन पर नहीं, तख्त या चारपाई पर सोएंगे छात्र
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को जमीन पर न सुलाया जाए। इसके लिए विद्यालय में तख्त या चारपाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि परंपराओं का सम्मान जरूरी है, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि छात्रों के सोने वाले स्थान की नियमित साफ-सफाई कराई जाए और आसपास जहरीले कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी की भी निगरानी की जाए। साथ ही बरसात के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया।
किसी भी छात्र में लक्षण दिखें तो तत्काल सूचना दें
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखी जाए। यदि किसी छात्र की तबीयत खराब होती है या उसमें असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को सूचना दी जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या को नजरअंदाज न किया जाए। शुरुआती स्तर पर लक्षणों की पहचान होने से समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है और गंभीर स्थिति बनने से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
प्रशासन के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। टीम ने छात्रों की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति की जांच की और किसी प्रकार की परेशानी होने पर जानकारी ली।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय में दोबारा स्वास्थ्य शिविर लगाया जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय परिसर में साफ-सफाई और आसपास के वातावरण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
परंपरा के साथ सुरक्षा भी जरूरी
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन से कहा कि संस्कृत विद्यालय में गुरुकुल परंपरा के अनुसार विद्यार्थियों को संस्कार और शिक्षा दी जा रही है, लेकिन वर्तमान मौसम और परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा उपायों को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बरसात के मौसम में जमीन पर सोने से जहरीले कीड़े और अन्य जीव-जंतुओं से खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में तख्त या चारपाई की व्यवस्था करना जरूरी है।
प्रशासन की ओर से विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई, सोने के स्थान की व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी निगरानी लगातार जारी रखने को कहा गया है।
छात्र को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए जाने के बाद चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। वहीं अन्य विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन., खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस