दतिया उपचुनाव: जीतू पटवारी ने कांग्रेस की जीत का किया दावा, बोले- "जनता बदलाव का फैसला कर चुकी है"

दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से एक दिन पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की भारी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि दतिया का जनादेश मध्यप्रदेश की राजनीति में बदलाव का संदेश देगा। पटवारी ने भाजपा पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और किसानों की अनदेखी के आरोप लगाए। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में आंदोलन किया जाएगा।

दतिया उपचुनाव: जीतू पटवारी ने कांग्रेस की जीत का किया दावा, बोले- "जनता बदलाव का फैसला कर चुकी है"

दतिया उपचुनाव: जीतू पटवारी का बड़ा दावा, बोले- कांग्रेस की जीत से हिलेंगी भाजपा सरकार की जड़ें

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से एक दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने दावा किया कि दतिया की जनता ने भारी बहुमत से कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है और यह परिणाम मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देगा। पटवारी ने कहा कि दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनता की भावना का प्रतिबिंब है। उनके अनुसार इस चुनाव के जरिए जनता ने सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर अपना मत स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है।

प्रेस वार्ता की शुरुआत में जीतू पटवारी ने दतिया की जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मां पीतांबरा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चुनाव अभियान के दौरान उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिला और लोगों ने सकारात्मक सोच के साथ कांग्रेस पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ चुनाव लड़ा, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस को जीत मिलने का पूरा विश्वास है।

पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका आरोप था कि राज्य सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करने के बजाय राजनीतिक प्रचार में अधिक व्यस्त है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसलों का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और आम जनता महंगाई से परेशान है। ऐसे माहौल में जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सामाजिक सम्मान के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीब वर्गों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं कर रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पर कुशवाह समाज के अपमान का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर भी बघेल समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा कि समाज के किसी भी वर्ग का अपमान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और कांग्रेस हमेशा सभी वर्गों के सम्मान की लड़ाई लड़ती रहेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि चुनाव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विभिन्न समाजों के लोगों पर गैरकानूनी तरीके से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इन मामलों की निष्पक्ष समीक्षा करने और निर्दोष लोगों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग की। पटवारी ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो कांग्रेस ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पुलिस की कथित अराजकता के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार चुनाव के दौरान निष्पक्ष वातावरण बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन कई स्थानों पर ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री के चेहरे से जुड़े सवाल पर जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का वर्तमान लक्ष्य किसी व्यक्ति विशेष को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करना और जनता के मुद्दों की लड़ाई लड़ना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में विश्वास करती है और संगठन की मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उनका कहना था कि जनता का विश्वास जीतना किसी भी राजनीतिक दल की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

मतगणना की तैयारियों को लेकर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी मतगणना केंद्रों पर कांग्रेस के एजेंट पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहेंगे और मतगणना प्रक्रिया पर पूरी नजर रखेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील भी की।

पटवारी ने यह भी कहा कि यदि दतिया में कांग्रेस की जीत होती है तो इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जाएगा। उनके अनुसार यह परिणाम आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी भी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखाई दे रही है। दोनों प्रमुख दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान पूरी ताकत झोंकी और अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर प्रदेश की आगामी राजनीतिक रणनीतियों और दलों के मनोबल पर भी देखने को मिल सकता है।

फिलहाल दतिया में चुनावी माहौल पूरी तरह परिणामों की प्रतीक्षा में है। कांग्रेस जहां बदलाव का दावा कर रही है, वहीं भाजपा अपनी जीत का विश्वास जता रही है। अब अंतिम फैसला मतपेटियों में बंद जनता का जनादेश करेगा, जिसका खुलासा मतगणना के साथ होगा। परिणाम चाहे जो भी हो, दतिया उपचुनाव ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं और संभावित बदलावों की भूमिका जरूर तैयार कर दी है।