NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहीं जज का तबादला, 138 जजों के बड़े प्रशासनिक फेरबदल में शामिल; अब स्पेशल जज अजय गुप्ता करेंगे सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल अदालतों में 138 जजों का तबादला कर दिया है. NEET-UG मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष अदालत के जज को NIA स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है. NEET पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए बनी स्पेशल कोर्ट का प्रभार अब विशेष CBI जज अजय गुप्ता को सौंपा गया है.

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहीं जज का तबादला, 138 जजों के बड़े प्रशासनिक फेरबदल में शामिल; अब स्पेशल जज अजय गुप्ता करेंगे सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने छह जजों को राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थानांतरित किया है। इन जजों को विशेष एनआईए जज के तौर पर नियुक्त किया गया है। यह कदम राष्ट्रीय जांच एजेंसी से जुड़े मामलों के लिए उठाया गया है।

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस (DHJS) के 138 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इसी क्रम में NEET UG 2026 पेपर लीक मामलों की सुनवाई कर रहीं स्पेशल जज अनु ग्रोवर बलिगा का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब राउज एवेन्यू कोर्ट में नियुक्त किया गया है, जहां वे UAPA, NIA एक्ट, NDPS एक्ट और MCOCA से जुड़े गंभीर मामलों की सुनवाई करेंगी।

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब देशभर में NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन चर्चा में रहा। कुछ ही समय पहले छात्रों के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग के बाद इस मामले की सुनवाई में तेजी लाने के उद्देश्य से स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था। अब इस अदालत में मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी स्पेशल जज अजय गुप्ता को सौंप दी गई है।

जज अनु ग्रोवर बलिगा का तबादला

स्पेशल जज अनु ग्रोवर बलिगा अब राउज एवेन्यू कोर्ट में कार्यभार संभालेंगी। यहां वे राष्ट्रीय सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। उनके अधिकार क्षेत्र में अब गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अधिनियम, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) से जुड़े मामलों की सुनवाई शामिल होगी।

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जारी तबादला सूची में कुल 138 अधिकारियों के साथ-साथ राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालतों के लिए 13 न्यायाधीशों की नियुक्तियां भी शामिल हैं। इसे हाल के वर्षों में दिल्ली की न्यायिक व्यवस्था में सबसे बड़े प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है।

अब कौन करेगा NEET UG 2026 मामले की सुनवाई?

अनु ग्रोवर बलिगा के तबादले के बाद स्पेशल जज अजय गुप्ता को NEET UG 2026 पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। अब पेपर लीक से संबंधित सभी लंबित और नए मामलों की सुनवाई उनके समक्ष होगी।

हालांकि जज के बदलने से मामले की कानूनी प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। भारतीय न्यायिक व्यवस्था में न्यायाधीशों के तबादले नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं और मामलों की सुनवाई नए नियुक्त न्यायाधीश द्वारा पूर्व रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ाई जाती है।

क्यों बनाया गया था स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट?

NEET UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

इसी पृष्ठभूमि में संवेदनशील मामलों की सुनवाई को तेज करने और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया। इस अदालत को विशेष रूप से पेपर लीक और उससे जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई का दायित्व सौंपा गया था।

राउज एवेन्यू कोर्ट में होंगे गंभीर मामलों की सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत MCOCA और NDPS से जुड़े विशेष न्यायालयों को भी राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थानांतरित किया गया है। इससे पहले NIA कोर्ट पटियाला हाउस कोर्ट परिसर से संचालित हो रहे थे, जबकि NDPS और MCOCA से जुड़े मामले दिल्ली की विभिन्न जिला अदालतों में सुने जाते थे।

अब इन अदालतों को एक ही परिसर में लाने का उद्देश्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई को अधिक सुव्यवस्थित बनाना, संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और मामलों के शीघ्र निस्तारण को सुनिश्चित करना है।

लंबित मामलों में आएगी तेजी

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायिक अधिकारियों के इस व्यापक पुनर्गठन से विशेष अदालतों में लंबित मामलों के निपटारे की गति बढ़ेगी। अलग-अलग श्रेणी के मामलों के लिए विशेषज्ञ अदालतों और न्यायाधीशों की नियुक्ति से सुनवाई अधिक प्रभावी और समयबद्ध हो सकेगी।

दिल्ली हाईकोर्ट का यह कदम न्यायिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और मामलों के शीघ्र निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे अदालतों पर बढ़ते कार्यभार को संतुलित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

आरोपी की जमानत पहले ही हो चुकी है खारिज

गौरतलब है कि हाल ही में NEET UG 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत याचिका राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज कर दी थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार किया था। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में कथित साजिश, पेपर लीक नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही हैं।

प्रशासनिक बदलाव पर नजर

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जारी तबादला सूची को न्यायिक व्यवस्था में दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि NEET UG 2026 जैसे चर्चित मामले में सुनवाई कर रहे न्यायाधीश का तबादला चर्चा का विषय बना है, लेकिन यह परिवर्तन नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि स्पेशल जज अजय गुप्ता की अदालत में इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई किस गति से आगे बढ़ती है और जांच एजेंसियां अदालत के समक्ष क्या नए तथ्य प्रस्तुत करती हैं।