25 करोड़ की 67 क्विंटल गांजा फसल पकड़ी: मक्का-कपास और तुअर के खेतों के बीच हो रही थी अवैध खेती, ड्रोन से खुलासा; 40 जवानों ने 24 घंटे में उखाड़े पौधे
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन में धार जिले की पुलिस ने गांजा पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उमरबन चौकी के अंतर्गत ग्राम बढ़िया और ग्राम पटेलपुरा में मक्का, अरहर और कपास के खेतों के बीच अवैध रूप से गांजा की खेती की जा रही थी।
गांजे के खेतों में पानी छोड़े जाने से जमीन में काफी नमी हो गई थी। ऐसे में पौधों को उखाड़कर खेतों से बाहर निकालने में पुलिसकर्मियों को 24 घंटे लग गए। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। धार जिले में पहली बार इस तरह की कार्रवाई हुई है। कार्रवाई में तीन टीआई और चार एएसआई और 40 जवान शामिल थे
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 25 करोड़ रुपए कीमत की गांजे की अवैध फसल पकड़ी है। उमरबन ब्लॉक के ग्राम बड़िया और मंडावदा में पुलिस ने ड्रोन की मदद से गांजे की खेती का खुलासा किया। यहां मक्का, कपास और तुअर की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाए गए थे, ताकि सामान्य फसलों की आड़ में अवैध खेती को छिपाया जा सके। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अब तक करीब 67 क्विंटल यानी 6,700 किलो गांजे के पौधे जब्त किए हैं।
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को अभिरक्षा में लिया है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने खेतों से गांजे के पौधों को उखाड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से बाहर निकलवाया। कार्रवाई में पुलिस के तीन टीआई, चार एएसआई सहित करीब 40 जवान शामिल रहे।
ड्रोन से हवाई सर्वे में सामने आई गांजे की खेती
धार जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन में ऑपरेशन प्रहार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने ड्रोन की मदद से जंगलों, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और खेतों का हवाई सर्वे शुरू किया है।
जिला उप पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने शनिवार शाम बताया कि ड्रोन से संदिग्ध स्थानों की निगरानी की जा रही है। हवाई सर्वे के दौरान जहां भी अवैध गतिविधियों की आशंका दिखाई देती है, वहां पुलिस टीमें पहुंचकर जांच करती हैं और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करती हैं।
इसी तकनीक की मदद से उमरबन क्षेत्र में गांजे की अवैध खेती का पता चला। शुरुआती जांच में सामने आया कि खेतों में अन्य फसलों के बीच गांजे के पौधे लगाए गए थे। इससे सामान्य हवाई निगरानी में इनकी पहचान करना मुश्किल हो सकता था।
मक्का, कपास और तुअर की फसल के बीच लगाए थे पौधे
पुलिस के मुताबिक, उमरबन ब्लॉक के ग्राम बड़िया और मंडावदा में बड़े पैमाने पर गांजे की खेती की जा रही थी। आरोपियों ने खेतों में मक्का, कपास और तुअर की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाए थे। खेतों में नियमित रूप से सिंचाई भी की जा रही थी, जिससे पौधों का विकास तेजी से हो रहा था।
फसल लहलहा रही थी और इसके पूरी तरह तैयार होने में करीब 15 दिन का समय बाकी था। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए शुक्रवार और शनिवार को दबिश दी और खेतों में लगे गांजे के पौधों को उखाड़कर जब्त कर लिया।
पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खेती करने वालों की योजना पर पानी फिर गया। यदि समय रहते गांजे की फसल नहीं पकड़ी जाती तो तैयार होने के बाद इसकी सप्लाई अवैध नशे के कारोबार में की जा सकती थी।
48 घंटे से चल रहा था सर्चिंग अभियान
मनावर थाना क्षेत्र में पिछले 48 घंटे से लगातार ड्रोन की निगरानी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस की टीमें संदिग्ध खेतों और आसपास के इलाकों में पहुंचकर जांच कर रही थीं। शुक्रवार से शुरू हुई कार्रवाई शनिवार को भी जारी रही।
पुलिसकर्मियों ने खेतों में पहुंचकर गांजे के पौधों को उखाड़ने का काम शुरू किया। जब्त किए गए पौधों को पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर मनावर लाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अब तक जब्त की गई फसल का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 25 करोड़ रुपए बताया गया है।
जमीन में नमी के कारण 24 घंटे तक चली कार्रवाई
खेतों में लगातार सिंचाई होने के कारण जमीन में काफी नमी थी। गांजे के पौधों को जड़ सहित उखाड़कर खेतों से बाहर निकालना पुलिसकर्मियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इस वजह से पूरी कार्रवाई में करीब 24 घंटे का समय लगा।
अभियान में तीन टीआई, चार एएसआई और लगभग 40 पुलिस जवानों की टीम लगाई गई थी। जवानों ने खेतों में पहुंचकर एक-एक पौधे को उखाड़ा और उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरवाया। धार जिले में इस तरह की बड़े स्तर पर की गई कार्रवाई को पहली कार्रवाई बताया जा रहा है।
चार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस
मनावर थाना प्रभारी राजेश यादव ने शनिवार रात करीब 9:30 बजे बताया कि मामले में चार आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों की पहचान अनिल पिता गुलाब मंडलोई, मालसिंह उर्फ हरेसिंह पिता लालसिंह मोर्य, सखाराम पिता सुखलाल मोर्य और गुलसिंह पिता भलसिंह मंडलोई के रूप में हुई है। सभी आरोपी ग्राम बड़िया पटेलपुरा के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने चारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गांजे की खेती किस उद्देश्य से की जा रही थी और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने संभाली जिम्मेदारी
इस बड़ी कार्रवाई में मनावर एसडीओपी प्रदीप वाल्टर, डीएसपी रामसिंह राठौर, निरीक्षक सरदारसिंह सोलंकी, धरमपुरी थाना प्रभारी, बाकानेर चौकी प्रभारी मनोज पाटीदार, सिंघाना चौकी प्रभारी अनुप बघेल सहित अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही।
इसके अलावा नवीन जोशी, महेश जाट, रेमसिंह बामनिया, ललित कुमरावत, धीरज ठाकुर, अजय तंवर, लक्ष्मण जमरा, गजेंद्र कनेश, कमल सोलंकी, रविंद्र डावर, सुनील डावर और रामेश्वर जमरे सहित पुलिस लाइन धार के जवानों ने भी अभियान में योगदान दिया।
नशे के अवैध कारोबार पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। गांजे और अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती, उत्पादन, बिक्री और परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
धार के उमरबन में ड्रोन की मदद से पकड़ी गई 67 क्विंटल गांजे की फसल ने यह भी दिखाया है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से दुर्गम इलाकों और सामान्य खेती के बीच छिपाई गई अवैध गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस