अतिथि शिक्षक ने हरदीप पुरी के सामने ठोकी ताल, राज्यसभा चुनाव के लिए खरीदा नामांकन फॉर्म: कांग्रेस-भाजपा विधायकों से समर्थन मिलने का किया दावा

हरदीप पुरी को टक्कर देने बैतूल के अतिथि शिक्षक ने खरीदा नामांकन फॉर्म, बोले- कांग्रेस विधायकों ने समर्थन का दिया है भरोसा

अतिथि शिक्षक ने हरदीप पुरी के सामने ठोकी ताल, राज्यसभा चुनाव के लिए खरीदा नामांकन फॉर्म: कांग्रेस-भाजपा विधायकों से समर्थन मिलने का किया दावा

भाजपा-कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, विधायकों से मांगा समर्थन

हरदीप सिंह पुरी पर लगाए गंभीर आरोप, समर्थन में नहीं दिए प्रमाण

10 विधायकों के हस्ताक्षर जरूरी, नामांकन के लिए जुटाना होगा समर्थन

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, वहीं कांग्रेस अभी तक अपने प्रत्याशी के नाम पर फैसला नहीं कर पाई है। इसी बीच बैतूल के 55 वर्षीय अतिथि शिक्षक हरिपाल बिहारे ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने नामांकन फॉर्म खरीद लिया है और अब विधायकों का समर्थन जुटाने में लगे हैं।

2011 से अतिथि शिक्षक के रूप में दे रहे थे सेवाएं

हरिपाल बिहारे बैतूल जिले की आमला तहसील के सोमलापुर के निवासी हैं। वे वर्ष 2011 से अलग-अलग सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षक के रूप में पढ़ा रहे थे। वर्ष 2017 से पीएमश्री शासकीय हाईस्कूल बड़गांव में वर्ग-2 के अतिथि शिक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे थे। इसी साल जुलाई में स्कूल में नियमित शिक्षक की नियुक्ति होने के बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। संस्कृत विषय से एमए कर चुके हरिपाल अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।

अतिथि शिक्षकों की आवाज उठाने के लिए चुनाव लड़ने का फैसला

हरिपाल का कहना है कि प्रदेश में अतिथि शिक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। सरकारों ने अतिथि शिक्षकों के हित में अपेक्षित कदम नहीं उठाए। उनका मानना है कि राज्यसभा में हमेशा दूसरे लोगों को भेजने के बजाय अनुभवी और आम लोगों के बीच काम करने वालों को भी मौका मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है।

भाजपा-कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, विधायकों से मांगा समर्थन

हरिपाल बिहारे के मुताबिक, वे भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के कार्यालयों में जाकर विधायकों से समर्थन मांग चुके हैं। हालांकि, अभी तक उन्हें किसी की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उनका नामांकन फॉर्म भरवाने का आश्वासन दिया है। वहीं, वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से भी मुलाकात करने की तैयारी में हैं।

हरदीप सिंह पुरी पर लगाए आरोप

हरिपाल ने भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पुरी के बारे में कुछ ऐसी बातें सुनी हैं, जिनके चलते उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा नहीं भेजा जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है।

10 विधायकों के हस्ताक्षर जरूरी, आगे की राह मुश्किल

राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत 10 प्रस्तावक विधायकों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। हरिपाल ने फॉर्म तो खरीद लिया है, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती विधायकों का समर्थन जुटाना है। अब देखना होगा कि क्या उन्हें पर्याप्त प्रस्तावकों का साथ मिल पाता है या उनकी राज्यसभा पहुंचने की कोशिश नामांकन से पहले ही रुक जाती है।

मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी राज्यसभा सीट

मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने और जमीनी राजनीति में सक्रिय होने की इच्छा के चलते उन्होंने इस्तीफा दिया था।

भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी को बनाया उम्मीदवार

भाजपा ने 28 अक्टूबर को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया। पुरी का उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। मध्य प्रदेश से निर्वाचित होने पर वे राज्यसभा में अपनी सदस्यता बरकरार रख सकेंगे। अब इस चुनाव में हरिपाल बिहारे की दावेदारी कितनी आगे बढ़ती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।