IAS अनिल डामोर का अचानक निधन, नई जिम्मेदारी संभालने से पहले हार्ट अटैक ने छीनी जिंदगी,विदिशा के पूर्व ADM के जाने से प्रशासनिक महकमे में शोक
नई जिम्मेदारी संभालने से पहले थम गई IAS अनिल डामोर की जिंदगी, हार्ट अटैक से अचानक निधन
विदिशा के पूर्व ADM और 2019 बैच के IAS अधिकारी अनिल कुमार डामोर का हार्ट अटैक से निधन, नई जिम्मेदारी संभालने से पहले थम गई जिंदगी
विदिशा। मध्यप्रदेश प्रशासनिक सेवा जगत से मंगलवार सुबह एक दुखद खबर सामने आई। विदिशा के पूर्व अपर कलेक्टर और 2019 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल कुमार डामोर का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तत्काल अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
अनिल कुमार डामोर के अचानक निधन की खबर उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहद स्तब्ध करने वाली रही। कुछ समय पहले तक वे प्रशासनिक जिम्मेदारियों को पूरी सक्रियता के साथ निभा रहे थे और अब नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी में थे। ऐसे में अचानक उनके निधन की खबर ने उनके परिचितों और सहकर्मियों को गहरे सदमे में डाल दिया।
सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह अचानक अनिल कुमार डामोर की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों और परिचितों ने उन्हें उपचार के लिए अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अचानक हुई इस घटना से परिवार के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में भी शोक छा गया। जैसे ही उनके निधन की सूचना अधिकारियों और कर्मचारियों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचने लगे।
अस्पताल परिसर में उनके परिचित अधिकारी, कर्मचारी और सहयोगी एक-दूसरे से उनके बारे में चर्चा करते नजर आए। हर किसी के चेहरे पर अचानक अपने साथी अधिकारी को खोने का दुख साफ दिखाई दे रहा था। कई लोग उनके साथ बिताए समय और उनसे जुड़ी यादों को साझा करते रहे।
मेडिकल कॉलेज में उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाएगा।
इसी महीने हुआ था भोपाल ट्रांसफर
अनिल कुमार डामोर विदिशा में अपर कलेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके थे। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने जिले में कई महत्वपूर्ण कार्यों को संभाला। इसी महीने राज्य शासन द्वारा उनका तबादला भोपाल किया गया था।
उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। वे विदिशा में अपनी जिम्मेदारियां छोड़कर भोपाल में नई पोस्टिंग संभालने की तैयारी कर रहे थे।
नई जिम्मेदारी शुरू करने से पहले ही उनके निधन की खबर सामने आने से प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भी शोक की स्थिति बन गई। सहकर्मियों के लिए यह घटना इसलिए भी अधिक पीड़ादायक रही क्योंकि वे हाल तक उनके साथ काम कर रहे थे और जल्द ही उनकी नई पदस्थापना को लेकर चर्चा कर रहे थे।
हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के लिए बनाई अलग पहचान
अनिल कुमार डामोर को उनके सहकर्मी एक हंसमुख, मिलनसार और सहज स्वभाव के अधिकारी के रूप में याद कर रहे हैं। उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों के अनुसार, डामोर का व्यवहार काफी सरल था।
वे केवल वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही नहीं, बल्कि अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ भी सहजता से बातचीत करते थे। उनके व्यवहार में सामान्य तौर पर दिखाई देने वाली अधिकारी वाली औपचारिकता कम ही नजर आती थी। यही वजह थी कि प्रशासनिक अमले में उन्होंने कम समय में ही लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना ली थी।
सहकर्मियों का कहना है कि वे काम को लेकर गंभीर रहते थे, लेकिन इसके साथ ही लोगों से व्यक्तिगत स्तर पर भी अच्छे संबंध बनाए रखते थे। किसी कर्मचारी या सहयोगी से बातचीत करते समय उनका सहज अंदाज लोगों को काफी पसंद आता था।
अधिकारी नहीं, अच्छे साथी के रूप में भी याद किए जाएंगे
डामोर के निधन के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे उनके कई सहयोगियों ने उनके साथ बिताए अनुभव साझा किए। किसी ने उनके शांत और सहज स्वभाव को याद किया तो किसी ने उनके साथ काम करने के दौरान हुई बातचीत का जिक्र किया।
सहकर्मियों का कहना था कि उन्होंने सिर्फ एक अच्छे अधिकारी को नहीं खोया है, बल्कि एक ऐसे साथी को खोया है, जो हर किसी से अपनापन रखता था।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी लोगों के साथ सामान्य और सहज व्यवहार करना उनकी खासियत मानी जाती थी। इसी कारण उनके अचानक चले जाने का दुख उन कर्मचारियों में भी दिखाई दिया, जो उनके साथ प्रशासनिक स्तर पर काम कर चुके थे।
अस्पताल परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच उनके निधन को लेकर लगातार चर्चा होती रही। हर कोई इस अचानक हुई घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहा था।
झाबुआ के रहने वाले थे अनिल कुमार डामोर
अनिल कुमार डामोर मूल रूप से मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। उनका बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है, जबकि बेटी भी पढ़ाई कर रही है।
एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर व्यस्त जिम्मेदारियों के बावजूद वे अपने परिवार से जुड़े रहने वाले व्यक्ति के रूप में भी जाने जाते थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिवार के लिए यह क्षति इसलिए भी बेहद बड़ी है क्योंकि अनिल कुमार डामोर की उम्र अपेक्षाकृत कम थी और वे अभी अपने प्रशासनिक करियर में आगे बढ़ रहे थे। इसी महीने उनका तबादला भोपाल किया गया था और वे नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहे थे।
प्रशासनिक करियर में आगे बढ़ रहे थे
2019 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में अनिल कुमार डामोर प्रशासनिक सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। विदिशा में अपर कलेक्टर के रूप में काम करने के बाद उन्हें राज्य शासन ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया था।
नई पोस्टिंग उनके प्रशासनिक करियर में एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। वे जल्द ही भोपाल पहुंचकर नई भूमिका संभालने वाले थे। लेकिन इससे पहले ही उनके निधन की खबर सामने आ गई।
उनके सहकर्मियों के लिए यह घटना बेहद अप्रत्याशित रही। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी व्यक्ति को उसके पद से ज्यादा उसके व्यवहार और लोगों से संबंधों के कारण याद किया जाता है और डामोर ने अपने सहज व्यवहार से यही पहचान बनाई थी।
अचानक निधन से प्रशासनिक महकमे में शोक
अनिल कुमार डामोर के निधन की खबर सामने आने के बाद विदिशा सहित प्रशासनिक महकमे में शोक का माहौल है। उनके परिचित और सहकर्मी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
अस्पताल पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखों में अपने साथी को खोने का दर्द साफ नजर आया। कई लोग उनके साथ काम करने के दिनों को याद करते रहे। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस अधिकारी से कुछ समय पहले तक सामान्य बातचीत हो रही थी, वह अब उनके बीच नहीं रहे।
डामोर के निधन ने उनके परिवार के साथ-साथ उन सभी लोगों को गहरा आघात पहुंचाया है, जिन्होंने उनके साथ काम किया या उन्हें करीब से जाना।
एक अधिकारी के रूप में निभाई गई जिम्मेदारियों के साथ-साथ उनका सहज, मिलनसार और मानवीय व्यवहार ही उन्हें उनके सहकर्मियों की यादों में लंबे समय तक जीवित रखेगा। नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहे 2019 बैच के आईएएस अधिकारी का इस तरह अचानक चले जाना प्रशासनिक जगत के लिए भी एक बड़ी और अपूरणीय क्षति है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस