झांसी रोड किनारे 11 हजार वर्गमीटर में हो रही अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, उरई विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई

उरई में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की। झांसी रोड स्थित राम श्री स्कूल के पास करीब 11 हजार वर्गमीटर में बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान के की जा रही प्लाटिंग को ध्वस्त कराया गया। मौके पर बनाए गए गेट, साइट ऑफिस और सड़क को भी हटाया गया। सोशल मीडिया पर भूखंड बिक्री का प्रचार किए जाने की जानकारी भी सामने आई। प्रशासन ने प्रॉपर्टी डीलरों और लोगों को बिना स्वीकृत ले-आउट वाली कॉलोनियों में जमीन खरीदने से बचने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने कहा कि अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ नोटिस, सीलिंग, अभियोजन, जुर्माना और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

झांसी रोड किनारे 11 हजार वर्गमीटर में हो रही अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, उरई विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई

झांसी रोड पर 11 हजार वर्गमीटर की अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर, गेट-साइट ऑफिस और सड़क ध्वस्त; प्राधिकरण ने प्रॉपर्टी डीलरों और खरीदारों को दी सख्त चेतावनी

उरई। शहर में बिना अनुमति और स्वीकृत ले-आउट प्लान के संचालित हो रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ उरई विकास प्राधिकरण ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी एवं उरई विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देश पर 22 अगस्त 2026 को प्राधिकरण की टीम ने झांसी रोड के किनारे राम श्री स्कूल के पास अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लाटिंग को ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर बनाए गए गेट, साइट ऑफिस और प्लाटिंग के लिए बनाई गई सड़क को भी हटाया गया।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित स्थल पर करीब 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान के जमीन का अवैध उपविभाजन किया जा रहा था। मौके पर प्लाट काटकर उन्हें बेचने की तैयारी की गई थी। इसके लिए गेट और साइट ऑफिस का निर्माण करने के साथ ही सड़क का निर्माण भी कराया गया था। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया साइट्स के माध्यम से इन भूखंडों की बिक्री के लिए प्रचार-प्रसार किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

अवैध प्लाटिंग की जानकारी मिलने के बाद उरई विकास प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लिया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। शनिवार को सचिव, उरई विकास प्राधिकरण के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंची। टीम ने अवैध रूप से विकसित किए गए ढांचे और प्लाटिंग से संबंधित निर्माण को ध्वस्त कराया।

बिना अनुमति प्लाटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई

उरई विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि विकास क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी जमीन पर प्लाटिंग या भवन निर्माण करने से पहले संबंधित व्यक्ति को नियमानुसार मानचित्र और ले-आउट प्लान स्वीकृत कराना अनिवार्य है। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-14 के तहत आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना प्लाटिंग अथवा भवन निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है।

प्राधिकरण ने संपत्ति कारोबार से जुड़े लोगों और आम नागरिकों को भी सावधान किया है। बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान के विकसित की जा रही कॉलोनियों में भूखंड खरीदने से लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। यदि किसी अवैध कॉलोनी के खिलाफ प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई या ध्वस्तीकरण किया जाता है तो खरीदार को भी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक, बिना स्वीकृत मानचित्र के प्लाटिंग या निर्माण पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नोटिस जारी करने, निर्माण को सील करने, अभियोजन चलाने, ध्वस्तीकरण और जुर्माने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जागरूकता अभियान भी शुरू

प्रशासन ने केवल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय शहरवासियों को अवैध प्लाटिंग से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। जिलाधिकारी जालौन के निर्देश पर उरई नगर के प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन बोर्डों के माध्यम से लोगों को अनधिकृत कॉलोनियों में भूखंड खरीदने से बचने की अपील की जा रही है।

इसी क्रम में शनिवार को झांसी रोड और रिनियां मोड़ पर भी सूचना बोर्ड लगाए गए। इन बोर्डों के जरिए आम लोगों को बताया जा रहा है कि किसी भी कॉलोनी या भूखंड में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित प्लाटिंग का ले-आउट प्लान उरई विकास प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं।

प्राधिकरण का मानना है कि जागरूकता से लोग अवैध कॉलोनियों में पैसा लगाने से बच सकेंगे और शहर के अनियोजित विस्तार पर भी रोक लगेगी। अधिकारियों ने कहा कि कई बार लोग कम कीमत या बेहतर लोकेशन के लालच में बिना दस्तावेजों की जांच किए जमीन खरीद लेते हैं। बाद में ऐसी जमीन पर निर्माण, नामांतरण या अन्य कानूनी प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रॉपर्टी डीलरों को भी दी गई हिदायत

उरई विकास प्राधिकरण ने प्रॉपर्टी डीलरों और प्लाटिंग का कारोबार करने वाले लोगों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे प्राधिकरण से ले-आउट प्लान यानी तलपट मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद ही प्लाटिंग का कार्य शुरू करें। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का पालन करने से न केवल जमीन खरीदने वालों के हित सुरक्षित रहेंगे, बल्कि शहर का विकास भी व्यवस्थित तरीके से होगा।

प्राधिकरण की ओर से कहा गया है कि अवैध प्लाटिंग के जरिए भूखंडों की बिक्री करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्य मार्गों और शहर के प्रमुख क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

खरीदारों से अपील—कागजों की जांच के बाद ही खरीदें जमीन

प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच जरूर करें। केवल कॉलोनी में सड़क, बिजली, गेट या अन्य सुविधाएं विकसित कर दिए जाने से वह कॉलोनी वैध नहीं हो जाती। खरीदार को यह पता करना चाहिए कि संबंधित भूमि का ले-आउट प्लान सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति बिना स्वीकृत ले-आउट प्लान वाली अवैध प्लाटिंग में भूखंड खरीदता है और बाद में प्राधिकरण द्वारा प्रवर्तन कार्रवाई या ध्वस्तीकरण किया जाता है, तो उससे होने वाली क्षति के लिए खरीदार स्वयं जिम्मेदार होगा।

कार्रवाई में अधिकारी और पुलिस बल रहा मौजूद

शनिवार को हुई कार्रवाई के दौरान सचिव, उरई विकास प्राधिकरण के साथ मुख्य लेखाधिकारी/जोनल अधिकारी, प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम और थाना कोतवाली की पुलिस फोर्स मौजूद रही। महिला पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया था। पुलिस की मौजूदगी में प्राधिकरण की टीम ने अवैध प्लाटिंग के तहत किए गए निर्माण और अन्य ढांचों को ध्वस्त कराया।

प्राधिकरण ने साफ किया है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उरई शहर के मुख्य मार्गों और प्रमुख क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग एवं अनधिकृत निर्माण की निगरानी की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

झांसी रोड पर हुई यह कार्रवाई ऐसे लोगों के लिए भी स्पष्ट संदेश मानी जा रही है, जो बिना स्वीकृति के जमीन का उपविभाजन कर प्लाट बेचने का कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन की कोशिश है कि उरई में अनियोजित और अवैध कॉलोनियों के विस्तार पर रोक लगाई जाए तथा नागरिकों को वैध और सुरक्षित संपत्ति खरीद के प्रति जागरूक किया जाए।

उरई विकास प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों और ले-आउट प्लान की वैधता की जांच करें। वहीं, प्रॉपर्टी डीलरों से भी नियमों का पालन करते हुए स्वीकृत ले-आउट के आधार पर ही प्लाटिंग करने को कहा गया है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।