एमपी विधानसभा में UCC को मंजूरी, विश्वास सारंग का दावा- हलाला और बहुविवाह पर लगेगी रोक,बोले- विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है
मध्यप्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया है। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि इससे सभी नागरिकों को समान अधिकार और न्याय मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी लागू होने के बाद बहुविवाह और हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी तथा महिलाओं, खासकर मुस्लिम महिलाओं, को अधिक अधिकार और सम्मान मिलेगा। साथ ही उन्होंने यूसीसी के विरोध को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
मध्यप्रदेश विधानसभा में यूसीसी विधेयक पारित, जल्द होगा लागू: विश्वास सारंग
भोपाल, 21 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने के बाद सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून प्रदेश में समानता, न्याय और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करेगा तथा सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सारंग ने कहा कि यूसीसी राष्ट्रीय एकता, लैंगिक समानता, न्याय, कानूनी सरलीकरण और धर्मनिरपेक्षता की भावना को मजबूती देगा। उनके अनुसार वर्तमान समय में समान नागरिक संहिता की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी और विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद इसे जल्द ही प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लागू होने से सभी नागरिकों के अधिकारों का समान रूप से संरक्षण सुनिश्चित होगा।
मंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद बहुविवाह और हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी। इससे मुस्लिम समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा मिलेगा तथा मुस्लिम महिलाओं को अधिक सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला कदम बताया।
सारंग ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और समान नागरिक संहिता उसी मूल भावना के अनुरूप समाज में समान अवसर, समान अधिकार और समान न्याय सुनिश्चित करने का माध्यम बनेगी। उनके अनुसार यह कानून किसी एक वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा में यूसीसी विधेयक का विरोध कर पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उनके मुताबिक कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति के कारण सदन का दुरुपयोग कर रही है और समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रवैया महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
सारंग ने कहा कि यूसीसी का विरोध करने वाले वास्तव में महिलाओं के अधिकारों का विरोध कर रहे हैं। उनके अनुसार समान नागरिक संहिता महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संविधान की मूल भावना के अनुरूप सुशासन, समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि समान नागरिक संहिता प्रदेश के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा देगी तथा समाज में समानता और न्याय की भावना को और मजबूत करेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस