जंतर-मंतर घटना के विरोध में उरई में सपा का बड़ा हल्ला बोल, हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शहर की सड़कों पर उतरी विशाल विरोध रैली, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

जंतर-मंतर से जुड़ी घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी ने उरई में विशाल रैली निकाली। जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर और रश्मि पाल के नेतृत्व में निकले कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। रैली के दौरान पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।

जंतर-मंतर घटना के विरोध में उरई में सपा का बड़ा हल्ला बोल, हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शहर की सड़कों पर उतरी विशाल विरोध रैली, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

जंतर-मंतर विवाद पर उरई में सपा का शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे हजारों कार्यकर्ता

जंतर-मंतर घटना के विरोध में उरई में सपा का हल्ला बोल, शहर में निकाली विशाल रैली

उरई में सपा का जोरदार प्रदर्शन, जंतर-मंतर घटना पर सरकार के खिलाफ बुलंद हुई आवाज

जंतर-मंतर विवाद से गरमाई सियासत, उरई में सपा ने निकाली विशाल विरोध रैली

उरई (जालौन)। जंतर-मंतर से जुड़ी घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को जालौन जनपद मुख्यालय उरई में बड़ा विरोध प्रदर्शन करते हुए विशाल रैली निकाली। रैली में पार्टी के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। हाथों में पार्टी के झंडे और विरोध संबंधी तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से मार्च करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया। पूरे प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।

रैली का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर और वरिष्ठ नेता रश्मि पाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। रैली में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इसे बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।

रैली निर्धारित समय पर शुरू हुई, जहां पहले कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर बैठक की। इसके बाद जुलूस के रूप में सभी लोग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। इस दौरान पार्टी समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर की घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उचित नहीं हैं और सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।

सपा नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि किसी भी स्तर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होता है तो समाजवादी पार्टी उसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और आम जनता के हितों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी।

जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने कहा कि जंतर-मंतर से जुड़ी घटना ने पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी प्रकार के अन्याय और दमन को स्वीकार नहीं करेगी। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है और समाजवादी पार्टी उसी संवैधानिक अधिकार का प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो पार्टी भविष्य में और व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

वरिष्ठ नेता रश्मि पाल ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब जनता की आवाज को सम्मान मिले। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनता से जुड़े हर मुद्दे पर सड़क से सदन तक आवाज उठाती रहेगी।

रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न नारों के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। कई स्थानों पर राहगीरों ने भी रैली को देखा और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा होती रही। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

रैली को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। नगर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस ने पहले से ही आवश्यक प्रबंध किए थे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने लगातार रैली की निगरानी की। पुलिसकर्मी पूरे मार्ग पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी। प्रशासन की सतर्कता के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान बनाए रखना चाहिए।

रैली में जिले के विभिन्न ब्लॉकों और नगर इकाइयों से आए कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई युवा कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने कहा कि युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित के मुद्दों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ रही है।

कार्यक्रम के समापन पर नेताओं ने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि पार्टी का संघर्ष शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जनता के हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी की गई तो समाजवादी पार्टी भविष्य में भी चरणबद्ध आंदोलन करेगी।

उरई में आयोजित इस रैली ने जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि समाजवादी पार्टी जनसरोकारों के मुद्दों पर सक्रिय है। अब इस प्रदर्शन के बाद राजनीतिक दलों और प्रशासन की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।