जालौन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: चार तहसीलदारों के तबादले, डीएम ने तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के दिए आदेश

जनहित और शासकीय कार्यहित को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जालौन जिले के चार तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। जारी आदेश के तहत अभिनव तिवारी को कालपी से जालौन, श्रीश कुमार मिश्रा को उरई से कालपी, मनोज कुमार को उरई और गौरव कुमार को माधौगढ़ तहसील की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को नियमित नियुक्ति होने तक तहसीलदार (न्यायिक) के रिक्त पदों का अतिरिक्त दायित्व भी निभाना होगा। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

जालौन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: चार तहसीलदारों के तबादले, डीएम ने तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के दिए आदेश

चार तहसीलदारों के तबादले, नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश

उरई,जनपद जालौन में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुचारु बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जनहित एवं शासकीय कार्यहित को ध्यान में रखते हुए जिले के चार तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए उनके स्थानांतरण संबंधी आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नियमित नियुक्ति होने तक संबंधित अधिकारियों को अतिरिक्त न्यायिक दायित्व भी निभाने होंगे।

जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार कालपी अभिनव तिवारी का स्थानांतरण तहसीलदार जालौन के पद पर किया गया है। वहीं तहसीलदार उरई श्रीश कुमार मिश्रा को तहसीलदार कालपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार मनोज कुमार को तहसीलदार उरई तथा तहसीलदार (न्यायिक) उरई गौरव कुमार को तहसीलदार माधौगढ़ के पद पर नियुक्त किया गया है।

प्रशासन का मानना है कि इन स्थानांतरणों से विभिन्न तहसीलों में प्रशासनिक कार्यों की गति तेज होगी तथा राजस्व एवं जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। लंबे समय से लंबित राजस्व प्रकरणों, नामांतरण, बंटवारा, भूमि विवाद और जनशिकायतों के निस्तारण में भी इससे तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन तहसीलों में तहसीलदार (न्यायिक) का पद रिक्त है, वहां संबंधित स्थानांतरित तहसीलदार अपने नियमित प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ न्यायिक कार्य भी संपादित करेंगे। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक शासन द्वारा संबंधित पदों पर नियमित नियुक्ति नहीं कर दी जाती।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने वर्तमान कार्यभार का विधिवत हस्तांतरण कर नवीन तैनाती स्थल पर बिना विलंब कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार से प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों और जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन शासन की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। इससे कार्य प्रणाली में नई ऊर्जा आती है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनती है। जिले में विभिन्न विकास योजनाओं, राजस्व कार्यों तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जनपद में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को शासन और जिला प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक अहम निर्णय माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि नई तैनाती के बाद सभी अधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन करेंगे और आमजन से जुड़े मामलों के समाधान में तेजी आएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित सर्वोपरि है और शासन की मंशा के अनुरूप सभी विभागों में पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जाएगी।