पांढुर्णा SP प्रकाशचंद्र परिहार हटाए गए, CM मोहन यादव की सुरक्षा में चूक के बाद हुई कार्रवाई

मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए सरकार ने आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। पांढुर्णा एसपी प्रकाश चंद्र परिहार को पुलिस मुख्यालय भेजा गया है।

पांढुर्णा SP प्रकाशचंद्र परिहार हटाए गए, CM मोहन यादव की सुरक्षा में चूक के बाद हुई कार्रवाई

पांढुर्णा में CM की सुरक्षा में बड़ी चूक, SP प्रकाशचंद्र परिहार हटाए गए
CM मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक पर गिरी गाज, पांढुर्णा SP प्रकाशचंद्र परिहार हटाए गए; विदिता धनखड़ को मिली कमान
किसानों के प्रदर्शन के बीच आधे घंटे तक फंसा रहा मुख्यमंत्री का काफिला, स्कूल परिसर तक पहुंचा विरोध; दौरे के दो दिन बाद देर रात शासन ने जारी किया तबादला आदेश
पांढुर्णा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सामने आई चूक के मामले में राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के दौरे के महज दो दिन बाद मंगलवार देर रात जारी किए गए आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश में पांढुर्णा के पुलिस अधीक्षक प्रकाशचंद्र परिहार को हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के पद पर पदस्थ किया गया है।
उनकी जगह दूसरी वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, ग्वालियर की सेनानी विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान वीआईपी सुरक्षा में हुई घटनाओं के बाद से ही पुलिस महकमे में एसपी के तबादले की अटकलें तेज थीं। शासन के आदेश के बाद इन चर्चाओं को विराम मिल गया है।
सूखी फसल लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे किसान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को पांढुर्णा जिले के दौरे पर पहुंचे थे। उनके दौरे के दौरान जिले में सूखे और फसल खराब होने का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया। किसानों ने पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर हाथों में सूखी फसल लेकर प्रदर्शन किया।
किसानों का कहना था कि बारिश की कमी और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसी समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए किसान कार्यक्रम स्थल के आसपास पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पूरा होने के बाद जब उनका काफिला अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हुआ, तो प्रदर्शनकारी किसान काफिले के काफी करीब पहुंच गए। इससे मौके पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप की स्थिति बन गई।
किसानों के घेरे में फंस गया मुख्यमंत्री का काफिला
स्थिति उस समय गंभीर हो गई, जब प्रदर्शनकारी किसानों की भीड़ मुख्यमंत्री के काफिले के रास्ते तक पहुंच गई। देखते ही देखते मुख्यमंत्री का काफिला किसानों के बीच घिर गया। करीब आधे घंटे तक काफिला आगे नहीं बढ़ सका।
मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर रास्ता खाली कराने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद रास्ता साफ कराया जा सका। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हुआ।
घटना के दौरान जबलपुर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए। मुख्यमंत्री जैसे अति महत्वपूर्ण व्यक्ति के काफिले के इतनी नजदीक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने और लंबे समय तक रास्ता बाधित रहने को सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक के तौर पर देखा गया।
VIP सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
मुख्यमंत्री के काफिले के इस तरह प्रदर्शनकारियों के बीच फंसने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि जब मुख्यमंत्री का दौरा पहले से निर्धारित था और उनके कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा की तैयारियां की गई थीं, तब प्रदर्शनकारी किसान काफिले के इतने करीब कैसे पहुंच गए।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की चर्चा शुरू हो गई। पुलिस महकमे में भी यह माना जाने लगा था कि मामले में जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
सांदीपनि स्कूल परिसर में भी पहुंचा विरोध
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान केवल सड़क पर ही नहीं, बल्कि सांदीपनि स्कूल परिसर में भी विरोध की स्थिति सामने आई। जिले के विकास कार्यों से संबंधित बैठक और कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के सामने विरोध दर्ज कराया।
विरोध की आवाज मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे। एक ही दौरे में अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन का मुख्यमंत्री तक पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के लिए गंभीर विषय माना गया।
एक दौरे में दो घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के दौरान सामने आई दोनों घटनाओं को शासन और पुलिस विभाग के स्तर पर गंभीरता से लिया गया। वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होता है कि प्रदर्शन या भीड़ को पहले से चिन्हित कर नियंत्रित किया जाए और मुख्यमंत्री के रास्ते में किसी तरह की बाधा न आए।
पांढुर्णा में किसानों का काफिले के करीब पहुंच जाना और बाद में कार्यक्रम स्थल के आसपास विरोध का सामने आना पुलिस की तैयारियों पर सवाल खड़े करने के लिए पर्याप्त माना गया।
घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की समीक्षा किए जाने की चर्चा थी। इसी बीच एसपी प्रकाशचंद्र परिहार के तबादले की अटकलें भी तेज हो गई थीं।
दो दिन बाद देर रात जारी हुआ तबादला आदेश
मुख्यमंत्री के पांढुर्णा दौरे के दो दिन बाद मंगलवार देर रात राज्य शासन ने आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया। इस आदेश में पांढुर्णा एसपी प्रकाशचंद्र परिहार को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर भेज दिया गया।
तबादले को मुख्यमंत्री की सुरक्षा में सामने आई चूक के बाद हुई कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि शासन के आधिकारिक आदेश में तबादले के कारण के तौर पर सुरक्षा चूक का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।
विदिता धनखड़ होंगी नई पांढुर्णा SP
प्रकाशचंद्र परिहार के स्थान पर विदिता धनखड़ को पांढुर्णा जिले की पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विदिता धनखड़ वर्तमान में दूसरी वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, ग्वालियर में सेनानी के पद पर पदस्थ थीं।
अब उन्हें पांढुर्णा जैसे महत्वपूर्ण जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। उनके सामने जिले में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ वीआईपी दौरों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती भी होगी।
प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुई घटनाओं के बाद केवल पुलिस अधिकारियों की भूमिका ही चर्चा में नहीं है। कार्यक्रम की तैयारियों, रूट प्लान, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण और प्रदर्शनकारियों की निगरानी से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर होने की बात कही जा रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय के आधार पर पूरी व्यवस्था तैयार की जाती है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों का मुख्यमंत्री के काफिले तक पहुंचना कई स्तरों पर तैयारियों की समीक्षा का विषय बन गया है।
नई SP के सामने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती
पांढुर्णा की नई पुलिस अधीक्षक विदिता धनखड़ के सामने सबसे पहली चुनौती जिले की सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करना होगी। खासकर मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी दौरों के दौरान रूट सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, प्रदर्शनकारियों की निगरानी और पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देना होगा।
फिलहाल शासन की ओर से सामने आई कार्रवाई में एसपी प्रकाशचंद्र परिहार का तबादला स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यदि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होती है, तो तस्वीर और साफ हो सकती है।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुई घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हाई-प्रोफाइल दौरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। पांढुर्णा में एसपी के तबादले के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे प्रशासन की ओर से और क्या कदम उठाए जाते हैं।