मां नर्मदा के पवित्र क्षेत्र में अवैध शराब की सप्लाई का आरोप, मंत्री के आदेश के बावजूद नहीं थम रहा कारोबार; ग्रामीणों ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग
रायसेन जिले की उदयपुरा विधानसभा के ग्राम पंचायत भारकच्छ कला में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल द्वारा मां नर्मदा क्षेत्र में शराब बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाने और रक्षाबंधन पर महिलाओं द्वारा लिखित आवेदन सौंपे जाने के बावजूद अवैध शराब की सप्लाई जारी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से शराब परिवहन करने वाले वाहनों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अनुज ठाकुर
मां नर्मदा के पवित्र क्षेत्र में अवैध शराब की सप्लाई का आरोप, मंत्री के आदेश के बावजूद नहीं थम रहा कारोबार
खुलेआम दौड़ रहीं शराब से भरी गाड़ियां, ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल
भारकच्छ कला | उदयपुरा विधानसभा, जिला रायसेन (मध्यप्रदेश)।मां नर्मदा के पवित्र क्षेत्र ग्राम पंचायत भारकच्छ कला में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। क्षेत्र में शराब बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश जारी होने के बावजूद कथित तौर पर शराब से भरी गाड़ियां गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध शराब की सप्लाई पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद यह कारोबार कैसे संचालित हो रहा है और संबंधित विभाग इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रहे हैं?
उल्लेखनीय है कि उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल द्वारा पूर्व में मां नर्मदा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग सक्रिय होकर इस कारोबार पर अंकुश लगाएंगे, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
रक्षाबंधन पर बहनों ने सौंपे थे लिखित आवेदन
अवैध शराब की बिक्री को लेकर क्षेत्र की महिलाओं और बहनों ने भी आवाज उठाई थी। रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं ने मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को लिखित आवेदन सौंपकर क्षेत्र में शराब की बिक्री बंद कराने और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बहनों ने उम्मीद जताई थी कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए गांव और आसपास के क्षेत्र को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त कराया जाएगा।
इसके बावजूद ग्रामीणों का दावा है कि समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि शराब की अवैध सप्लाई से गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है और परिवारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री के निर्देशों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
ग्रामीणों का सवाल है कि जब मंत्री स्तर से शराब बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, तो फिर संबंधित विभाग उनका पालन सुनिश्चित क्यों नहीं करा पा रहे हैं? क्या अधिकारियों को अवैध शराब के परिवहन की जानकारी नहीं है या फिर निगरानी व्यवस्था में कमी है? ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और शराब की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर नजर रखी जाए।
प्रशासन से ग्रामीणों की मांग
ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मांग की है कि भारकच्छ कला सहित मां नर्मदा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। संदिग्ध वाहनों की जांच की जाए तथा अवैध शराब मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहते, बल्कि प्रशासन से वैधानिक कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं। गांव की सामाजिक व्यवस्था, महिलाओं के सम्मान और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए इस समस्या का समाधान जरूरी है।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायतों और पूर्व में दिए गए आवेदनों के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। आखिर मां नर्मदा के पवित्र क्षेत्र को अवैध शराब के कारोबार से मुक्ति कब मिलेगी? ग्रामीणों को अब प्रशासन की ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस