उच्चीकृत प्राथमिक विद्यालय का किया औचक निरीक्षण, लंबे समय से अनुपस्थित प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों के निलंबन के निर्देश, खंड शिक्षा अधिकारी को चेतवानी
उरई में जिलाधिकारी समीर ने उच्चीकृत प्राथमिक विद्यालय, मान्यवर कांशीराम कॉलोनी का औचक निरीक्षण किया। लंबे समय से अनुपस्थित प्रधानाध्यापक अल्पना गुप्ता सहित तीन शिक्षकों को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं, पर्यवेक्षण में लापरवाही पर खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति राजपूत को चेतावनी जारी करने को कहा। डीएम ने विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति और दिव्यांग छात्रा श्रुति की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मान्यवर कांशीराम कॉलोनी स्थित उच्चीकृत प्राथमिक विद्यालय में शैक्षिक व्यवस्थाओं की खुली पोल, तीन शिक्षकों की लंबे समय से अनुपस्थिति पर डीएम सख्त; विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाने और दिव्यांग छात्रा की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश।
उरई । जिलाधिकारी समीर ने उच्चीकृत प्राथमिक विद्यालय, मान्यवर कांशीराम कॉलोनी का औचक निरीक्षण कर शैक्षिक व्यवस्थाओं, शिक्षकों की उपस्थिति एवं पठन-पाठन की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने कक्षा 6, 7 एवं 8 में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई तथा विषयों की समझ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान कुछ बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म में नहीं मिले। इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को नियमित रूप से निर्धारित यूनिफॉर्म में विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालय के सभी बच्चे यूनिफॉर्म में आएं। उन्होंने विद्यालय को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यहां शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन, स्वच्छता एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि यह विद्यालय अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सके। जिलाधिकारी ने पूर्व में विद्यालय में नामांकित कराई गई दिव्यांग छात्रा श्रुति की शिक्षा की भी जानकारी ली। उन्होंने छात्रा से संवाद कर उसकी शैक्षिक प्रगति देखी। इस दौरान श्रुति अपनी नोटबुक में 1, 2, 3 लिखकर अभ्यास करती नजर आई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा उन्हें आवश्यक शिक्षण सहयोग उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे भी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़कर आगे बढ़ सकें।निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक अल्पना गुप्ता, सहायक अध्यापक शोभा गुप्ता एवं सहायक अध्यापक दीपशिखा लंबे समय से छुट्टी पर पाए जाने के प्रकरण पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को तीनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति राजपूत को अपने क्षेत्र में प्रभावी पर्यवेक्षण न करने पर चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समयबद्ध शिक्षण कार्य और बच्चों की शैक्षिक प्रगति सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करें और शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार लाएं, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षिक अवसर मिल सकें।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी, खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति राजपूत सहित संबंधित शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस