बीजेपी का बंटाधार तो करना ही पड़ेगा” — राहुल गांधी के कार्यक्रम के बाद सज्जन वर्मा का कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा पलटवार
इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राजनीति में विकास और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने राहुल गांधी के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को लेकर हुई कथित मिमिक्री की आलोचना की और माफी की मांग की। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव और छात्र राजनीति पर भी कांग्रेस को घेरा
इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के कार्यक्रम पर उठाए सवाल तो सज्जन वर्मा ने भाजपा और मोदी सरकार पर लगाए तीखे आरोप
इंदौर। राहुल गांधी के इंदौर दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के कार्यक्रम और कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीति का उद्देश्य देश, प्रदेश, शहर, वार्ड और आम जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उनके बयान के बाद पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने पलटवार करते हुए भाजपा और कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा हमला बोला है।
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि “बीजेपी का बंटाधार तो करना ही पड़ेगा।” उन्होंने भाजपा पर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस जनता तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। वर्मा ने राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम से पहले लगाए गए पोस्टरों का भी जिक्र किया और भाजपा पर कार्यक्रम को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
विजयवर्गीय बोले- राजनीति का उद्देश्य विकास और समस्या समाधान होना चाहिए
कैलाश विजयवर्गीय ने एक विकास कार्य से जुड़े कार्यक्रम में कहा कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य देश, प्रदेश, शहर और वार्ड का विकास करना तथा आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भीड़ जुटाने के लिए मनोरंजन या मिमिक्री का सहारा लेना राजनीति के मूल उद्देश्य से अलग है।
विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के हालिया कार्यक्रम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को लेकर हुई कथित मिमिक्री पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां का स्थान सर्वोच्च है और किसी भी मां का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की।
‘भाजपा विकास के जरिए जनता से जुड़ने में विश्वास रखती है’
विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा की राजनीति विकास कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पार्टी देश से लेकर प्रदेश, शहर, वार्ड और पोलिंग बूथ स्तर तक लोगों से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास करती है।
उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। विजयवर्गीय ने कहा कि क्षेत्र में पहले पेयजल की बड़ी समस्या थी। लोगों को कुओं से पानी भरना पड़ता था। जब कुएं सूखने लगे तो बोरिंग कराए गए, लेकिन बाद में बोरिंग में भी पानी की समस्या सामने आई। इसके बाद नर्मदा पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की गई।
पांच साल में विधानसभा क्षेत्र को समस्या-विहीन बनाने का लक्ष्य
विजयवर्गीय ने संजीवनी क्लीनिक के उद्घाटन सहित क्षेत्र में हुए विभिन्न विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में विधानसभा क्षेत्र को समस्या-विहीन बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि राजनीति का मूल्यांकन केवल भाषणों या भीड़ के आधार पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में आने वाले बदलाव और विकास कार्यों के आधार पर होना चाहिए।
छात्र राजनीति को लेकर कांग्रेस पर निशाना
कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी संगठनों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दों के नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं और छात्र राजनीति में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए विजयवर्गीय ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की बात कही।
उन्होंने ‘अंधभक्त’ शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। विजयवर्गीय ने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जिनके भीतर देशभक्ति की भावना हो। उन्होंने वामपंथी विचारधारा और उससे जुड़े विवादित नारों का भी उल्लेख किया।
सज्जन वर्मा बोले- बीजेपी का बंटाधार तो करना ही पड़ेगा
कैलाश विजयवर्गीय के बयान के बाद सज्जन सिंह वर्मा ने तीखा पलटवार किया। वर्मा ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय और दिल्ली में नरेंद्र मोदी से बड़ा झूठा कोई नहीं है।”
वर्मा ने भाजपा की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया।
‘झूठ की गूंज’ पोस्टर को लेकर भी भाजपा पर हमला
सज्जन वर्मा ने राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम से पहले शहर में लगाए गए पोस्टरों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को फेल करने के उद्देश्य से पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों पर ‘झूठ की गूंज’ लिखा गया था और राहुल गांधी का चेहरा काला करके दिखाया गया था।
वर्मा ने इन पोस्टरों को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन जनता और युवाओं के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के कार्यक्रम को छात्रों की समस्याओं से जोड़ते हुए भाजपा के आरोपों का जवाब दिया।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में छात्रों ने उठाए थे कई मुद्दे
इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य समस्याओं से जुड़े मुद्दे उठाए। छात्रों ने अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर सामने आ रही परेशानियों के बारे में भी चर्चा की।
कार्यक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। भाजपा की ओर से कार्यक्रम की शैली और उसमें हुई कथित मिमिक्री को लेकर सवाल उठाए गए, जबकि कांग्रेस ने इसे छात्रों की आवाज उठाने वाला कार्यक्रम बताया।
मुद्दों से ज्यादा अब बयानों पर सियासत
राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कैलाश विजयवर्गीय जहां विकास, संस्कृति और राजनीतिक मर्यादा को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सज्जन सिंह वर्मा भाजपा पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस के कार्यक्रम का बचाव कर रहे हैं।
दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि इंदौर का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब केवल छात्रों के मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर दोनों दलों की ओर से और बयान सामने आने की संभावना है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस