ल्ली में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढही, 2 की मौत और 4 घायल; मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
दिल्ली के चांदनी चौक में चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत का हिस्सा गिरने के बाद जगह बंद कर दी गई और छह दमकल गाड़ियां भेजी गईं. इस हादसे में बताया जा रहा है कि कम से कम 6-7 लोग फंसे हुए हैं.
दिवाली की खरीददारी के बीच चांदनी चौक में बड़ा हादसा हुआ है। तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढह गया। दो लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। जबकि 4 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। गली शाहतारा स्थित शीश महल में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
सुबह 9:50 बजे अचानक ढह गई तीन मंजिला इमारत
दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। घटनास्थल चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तत्काल छह गाड़ियों को मौके पर रवाना किया। अधिकारियों के अनुसार, इमारत निर्माणाधीन थी और अचानक ढह गई। हादसे के समय इमारत में कितने लोग मौजूद थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव अभियान का दायरा बढ़ाया गया। अतिरिक्त दमकल गाड़ियों और अधिकारियों को भी घटनास्थल पर भेजा गया। दमकल कर्मी मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
चावड़ी बाजार पुरानी दिल्ली का बेहद व्यस्त और घनी आबादी वाला इलाका है। यहां छोटी-छोटी गलियों में बड़ी संख्या में दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और पुरानी इमारतें मौजूद हैं। कई भवन एक-दूसरे से सटे हुए हैं। ऐसे में किसी एक इमारत के गिरने से आसपास के भवनों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो जाता है।
निर्माणाधीन इमारत के ढहने के बाद आसपास की इमारतों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। राहत-बचाव दल को सीमित जगह में काम करना पड़ रहा है। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौती बना हुआ है।
इस साल दिल्ली में छठा बड़ा हादसा
राजधानी में निर्माणाधीन और पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस साल दिल्ली में इमारतों के ढहने से जुड़े हादसों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। चावड़ी बाजार की यह घटना इस साल शहर का छठा बड़ा हादसा बताई जा रही है।
घनी आबादी वाले इलाकों में पुरानी इमारतों की मरम्मत, नए निर्माण और भवनों की मजबूती की जांच को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे इलाकों में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। इस घटना के बाद निर्माणाधीन भवनों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग भी तेज हो सकती है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई बार सुरक्षा ऑडिट कराने के आदेश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद इमारतें लगातार गिर रही हैं। उन्होंने सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग रिश्वत नहीं देते, उनकी इमारतों को सील कर दिया जाता है, जबकि अन्य इमारतों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।
दमकल विभाग और SDM कार्यालयों में वसूली का लगाया आरोप
सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में दमकल विभाग और SDM कार्यालयों में भी कथित वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने ग्रेटर कैलाश-2 में दो जिम को सील करने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
AAP नेता ने आरोप लगाया कि राजधानी में भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय सरकारी विभागों की कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे के बाद फिर सुरक्षा ऑडिट की मांग
चावड़ी बाजार में हुए इस हादसे ने दिल्ली में भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माणाधीन इमारतों की नियमित जांच, भवनों की संरचनात्मक मजबूती का आकलन और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है।
फिलहाल प्रशासन और राहत-बचाव दल की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। हादसे की वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस