ग्वालियर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप, चारों प्लेटफॉर्म पर सघन तलाशी; भिंड से आरोपी गिरफ्तार

धनतेरस के दिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और रेलवे प्रशासन में शुक्रवार रात को हड़कंप मच गया।

ग्वालियर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप, चारों प्लेटफॉर्म पर सघन तलाशी; भिंड से आरोपी गिरफ्तार

धनतेरस पर यात्रियों की भारी भीड़ से खचाखच भरे ग्वालियर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पुलिस और रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। भिंड पुलिस कंट्रोल रूम में आए एक फोन कॉल में दावा किया गया कि कुछ ही देर में ग्वालियर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ा दिया जाएगा। त्योहार के चलते स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्रियों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने धमकी को गंभीरता से लिया और तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में धनतेरस के त्योहार के दौरान रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पुलिस, रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। यात्रियों की भारी भीड़ से खचाखच भरे रेलवे स्टेशन को निशाना बनाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था तत्काल कड़ी कर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे की टीमें अलर्ट मोड पर आ गईं। बम निरोधक दस्ते और ट्रैकर डॉग की मदद से स्टेशन के चारों प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि देर रात तक चली जांच में कोई विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। वहीं, पुलिस ने धमकी देने के आरोप में भिंड जिले के एंडोरी इलाके से सूरज पाल नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

भिंड पुलिस कंट्रोल रूम में आया धमकी भरा फोन

जानकारी के अनुसार, धनतेरस के मौके पर ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ मौजूद थी। त्योहार के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और अन्य शहरों की ओर आने-जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंच रहे थे। इसी बीच भिंड पुलिस कंट्रोल रूम में एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि कुछ ही देर में ग्वालियर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ा दिया जाएगा।

फोन पर मिली इस धमकी को पुलिस ने गंभीरता से लिया। चूंकि त्योहार के दौरान स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्रियों की मौजूदगी थी, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं थी। तत्काल सूचना ग्वालियर पुलिस और संबंधित रेलवे सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंचाई गई। इसके बाद स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए तलाशी अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया।

पुलिस, जीआरपी और बम निरोधक दस्ते ने संभाला मोर्चा

धमकी की सूचना मिलते ही ग्वालियर पुलिस, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ते और ट्रैकर डॉग की टीम को रेलवे स्टेशन भेजा गया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे स्टेशन परिसर को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध स्थानों की जांच शुरू की।

तलाशी अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच भी हलचल देखने को मिली। सुरक्षा एजेंसियों ने स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में जांच की और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री तो नहीं रखी गई है।

धनतेरस के कारण स्टेशन पर लगातार यात्रियों का आना-जाना जारी था। ऐसे में पुलिस के सामने सुरक्षा जांच के साथ यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखने की चुनौती भी थी। अधिकारियों ने स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती।

चारों प्लेटफॉर्म पर की गई बारीकी से जांच

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन के चारों प्लेटफॉर्म पर सघन तलाशी अभियान चलाया। प्लेटफॉर्म के कोने-कोने, यात्रियों के बैठने के स्थान, आवागमन के रास्तों और अन्य संदिग्ध जगहों की बारीकी से जांच की गई।

बम निरोधक दस्ते ने अपने उपकरणों की मदद से संभावित खतरों की पड़ताल की, जबकि ट्रैकर डॉग की टीम ने भी स्टेशन परिसर में तलाशी ली। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संदिग्ध वस्तु को नजरअंदाज नहीं किया और पूरी सतर्कता के साथ जांच की।

त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों के बीच किसी तरह की अफरा-तफरी न फैले, इसके लिए भी आवश्यक सावधानी बरती गई।

देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन, नहीं मिला विस्फोटक

रेलवे स्टेशन पर देर रात तक तलाशी अभियान जारी रहा। सुरक्षा एजेंसियों ने सभी चारों प्लेटफॉर्म और संबंधित स्थानों की जांच की, लेकिन इस दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

काफी देर तक चली जांच के बाद जब किसी तरह की संदिग्ध सामग्री सामने नहीं आई तो पुलिस और रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि धमकी को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया गया और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

इस घटना ने एक बार फिर त्योहारों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को सामने ला दिया।

मोबाइल नंबर ट्रेस कर आरोपी तक पहुंची पुलिस

एक ओर जहां रेलवे स्टेशन पर तलाशी अभियान चल रहा था, वहीं दूसरी ओर पुलिस की टीम धमकी भरे फोन कॉल के स्रोत का पता लगाने में जुटी थी। पुलिस ने कॉल में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर के आधार पर जांच शुरू की।

तकनीकी जांच और मोबाइल नंबर की पड़ताल के बाद पुलिस की टीम मध्य प्रदेश के भिंड जिले के एंडोरी इलाके तक पहुंची। यहां से सूरज पाल नामक व्यक्ति को पकड़ लिया गया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने किस परिस्थिति में फोन किया था और उसे ग्वालियर रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी देने की जरूरत क्यों पड़ी।

मानसिक रूप से कमजोर होने की बात आई सामने

प्रारंभिक जांच में आरोपी सूरज पाल के मानसिक रूप से कमजोर होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। केवल प्रारंभिक जानकारी के आधार पर धमकी के पीछे की वास्तविक वजह को स्पष्ट नहीं माना जा रहा है।

जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी ने जानबूझकर दहशत फैलाने के उद्देश्य से फोन किया था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। इसके साथ ही फोन कॉल की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों पर रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में किसी भी तरह की धमकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन जाती है।

ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मिली बम की धमकी ने भी सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल सक्रिय होने पर मजबूर कर दिया। समय रहते पुलिस, जीआरपी, रेलवे प्रशासन और बम निरोधक दस्ते ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए स्टेशन की जांच की।

फिलहाल इस मामले में आरोपी सूरज पाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही धमकी देने के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा का खुलासा हो सकेगा।