रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले माफी मांगकर अयोध्या आएं: CM योगी का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले- अब कभी नहीं लगेगा कर्फ्यू
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में आने की बात पर अब राजनीति शुरू हो गयी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "जिन लोगों ने राम को अपमानित किया था. वो अयोध्या आए लेकिन रामभक्तों से माफी जरूर मांग ले.प्रभु सबको माफ करेंगे अहंकाकरी सत्ता को खत्म करने में प्रभु देर नहीं कर सकते हैं."
सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। सीएम योगी ने कहा कि संतों पर गोलियां चलवाने वालों को माफी मांगकर अयोध्या आना चाहिए। उन्हें राम के भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के मंच से समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, वे अयोध्या जरूर आएं, लेकिन आने से पहले माफी मांगकर आएं। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 12 दिसंबर को अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन करने का कार्यक्रम बनाया है। योगी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर और अयोध्या को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या की पहचान अब बदल चुकी है। यह नगरी अब विकास, आस्था और सांस्कृतिक गौरव के नए स्वरूप के साथ दुनिया के सामने आ रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अयोध्या में अब कभी कर्फ्यू नहीं लगेगा और न ही कोई दंगा-फसाद करने का साहस कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि अयोध्या को अब कोई उपेक्षित नहीं कर पाएगा। यहां के संतों का अपमान करने और रामभक्तों पर गोली चलाने का दुस्साहस भी कोई नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव का मंच केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं है, बल्कि यह नए अयोध्या की तस्वीर और उसके संदेश को पूरी दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम है।
रामभक्तों पर गोली चलाने वालों को पहले मांगनी चाहिए माफी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में राम मंदिर आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर हुई गोलीबारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, उन्हें अयोध्या आने से पहले माफी मांगनी चाहिए।
उनका यह बयान सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों और अखिलेश यादव की प्रस्तावित अयोध्या यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अखिलेश यादव का नाम लेकर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की, लेकिन राजनीतिक संदर्भ में उनके बयान को सपा अध्यक्ष की यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है।
योगी ने कहा कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अब कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। रामनगरी में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण कायम रखना सरकार की प्राथमिकता है।
12 दिसंबर को अयोध्या आएंगे अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। इस दौरान वह हनुमानगढ़ी में दर्शन करने के साथ राम मंदिर में भी रामलला के दर्शन और पूजन करेंगे।
अखिलेश यादव की इस यात्रा की जानकारी समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय 'पवन' ने दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दिन दी थी। उनके इस ऐलान के बाद अयोध्या की यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया गया है कि अखिलेश यादव के कार्यक्रम में हनुमानगढ़ी के दर्शन के साथ राम मंदिर में पूजा-अर्चना भी शामिल है। राम मंदिर में दर्शन करने की उनकी योजना को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में 12 दिसंबर की यात्रा को राजनीतिक और धार्मिक दोनों नजरियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दीपोत्सव के मंच से दिया नए अयोध्या का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की शुरुआत से लेकर अब तक के सफर का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन शुरुआत में एक लाख 71 हजार दीपों के साथ किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह आयोजन भव्य स्वरूप लेता गया और अब दीपों की संख्या 30 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि दीपोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक बन चुका है। इस आयोजन के माध्यम से अयोध्या की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो रही है।
योगी ने कहा कि अयोध्या में होने वाला दीपोत्सव दुनिया को भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का अवसर है। दीपों की रोशनी के माध्यम से पूरी दुनिया को यह संदेश दिया जा रहा है कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, सेवा और कर्तव्य का प्रतीक है।.
रामराज्य की अवधारणा को साकार करने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेशवासियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि रामराज्य की अवधारणा केवल एक धार्मिक विचार नहीं, बल्कि समाज में न्याय, समानता, सुरक्षा और खुशहाली स्थापित करने की प्रेरणा है।
उन्होंने प्रभु श्रीराम से अयोध्या और पूरे उत्तर प्रदेश पर अपनी कृपा बनाए रखने की कामना की। साथ ही प्रदेशवासियों से भगवान श्रीराम के नाम का स्मरण और जप करते हुए रामराज्य की अवधारणा को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया।
अयोध्या फिर बनी सियासी बयानबाजी का केंद्र
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और दीपोत्सव के भव्य आयोजनों के बीच राजनीतिक दलों के नेताओं की गतिविधियां भी चर्चा में हैं। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के मंच से रामभक्तों पर गोलीबारी के पुराने मुद्दे को उठाते हुए माफी मांगने की बात कही, वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव ने राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन का कार्यक्रम तय किया है।
12 दिसंबर को अखिलेश यादव की प्रस्तावित यात्रा से पहले मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि अखिलेश यादव अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी के बयान पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं।
फिलहाल दीपोत्सव के मंच से दिया गया मुख्यमंत्री का संदेश और अखिलेश यादव का प्रस्तावित अयोध्या दौरा उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस