40 फीट गहरे पानी से भरे कुएं में गिरी कार, चार युवक बाल-बाल बचे: ग्रामीणों ने तोड़ा कार का कांच, ढाई घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू; रात में दौड़ रहे गिट्टी-मुरम के डंपरों पर उठे सवाल
भोपाल के निपानिया जाट में शनिवार को एक कार करीब 40 फीट गहरे पानी से भरे कुएं में जा गिरी। कार में प्रेम सिंह लोधी, ज्ञान सिंह लोधी समेत चार युवक सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कार के अगले कांच तोड़े, जिससे चारों युवक बाहर निकल सके। सभी को तैरना आता था, इसलिए वे कुएं में डूबने से बच गए।
राजधानी भोपाल के निपानिया जाट में शनिवार तड़के 4 बजे दिल दहलाने वाला हादसा हुआ. एक कार में चार युवक सवार थे. रास्ते में कार अचानक अनियंत्रित होकर 40 फीट गहरे पानी से भरे कुएं में जा गिरी. कुएं में गिरते ही सवार 4 युवकों की जान पर बन आई. चारों युवकों ने गजब की हिम्मत दिखाते हुए कार के कांच तोड़े और शोर मचाया. शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और फिर रेस्क्यू शुरू किया.
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निपानिया जाट में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक कार अनियंत्रित होकर करीब 40 फीट गहरे पानी से भरे कुएं में जा गिरी। हादसे के समय कार में चार युवक सवार थे। अचानक हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। कार के कुएं में गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और युवकों को बचाने के लिए मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की तत्परता और युवकों की सूझबूझ से चारों की जान बच गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कार का अगला कांच तोड़कर युवकों को बाहर निकलने का रास्ता बनाया। सभी युवकों को तैरना आता था, जिसके कारण वे पानी में डूबने से बचने में सफल रहे।
जानकारी के अनुसार, कार में प्रेम सिंह लोधी, ज्ञान सिंह लोधी समेत कुल चार युवक सवार थे। शनिवार को वे निपानिया जाट क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित गहरे कुएं में जा गिरी। कुएं में पानी भरा हुआ था और उसकी गहराई करीब 40 फीट बताई जा रही है। कार के पानी में गिरते ही उसमें सवार युवकों के सामने जान बचाने का संकट खड़ा हो गया। कुछ ही देर में कार पानी में डूबने लगी। इस बीच आसपास के लोगों ने घटना देख ली और तत्काल बचाव के प्रयास शुरू कर दिए।
कार का कांच तोड़कर युवकों को निकाला बाहर
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया। कुएं में कार के फंसने और पानी भरने के कारण युवकों को बाहर निकालना आसान नहीं था। ऐसे में ग्रामीणों ने कार तक पहुंचकर उसका अगला कांच तोड़ा, ताकि अंदर फंसे युवकों को बाहर निकलने का रास्ता मिल सके। कांच टूटने के बाद युवकों ने बाहर निकलने का प्रयास किया। सभी को तैरना आता था, इसलिए वे पानी में खुद को संभालने में सफल रहे। स्थानीय लोगों की मदद से चारों युवक कुएं से बाहर निकल आए।
इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद कुएं में गिरी कार और उसमें सवार युवकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू की तैयारी की गई।
ढाई घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
कुएं की गहराई और उसमें भरे पानी के कारण कार को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। करीब ढाई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद चारों युवकों के साथ कार को भी कुएं से बाहर निकाल लिया गया।
हादसे में चारों युवकों की जान बच जाना बड़ी राहत की बात रही। यदि स्थानीय लोग समय पर मौके पर नहीं पहुंचते और कार का कांच तोड़कर युवकों को बाहर निकलने में मदद नहीं करते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद क्षेत्र में कुएं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सड़क से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
रात में चलते हैं गिट्टी-मुरम के भारी डंपर
कार हादसे के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने क्षेत्र में रात के समय संचालित होने वाले गिट्टी-मुरम के डंपरों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निपानिया जाट से कनेरा जाने वाले रास्ते पर रात के समय भारी डंपरों की आवाजाही बनी रहती है। इन भारी वाहनों के कारण मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
मोहन सिंह जाट ने बताया कि इस रास्ते पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद भारी वाहनों के संचालन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया। उनका कहना है कि रात के समय गिट्टी-मुरम से भरे डंपर तेज गति से निकलते हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है।
उन्होंने इस मामले को पहले भी प्रशासन के सामने उठाया था, लेकिन शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कलेक्टर और एसपी को एक साल पहले दी थी शिकायत
जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट के मुताबिक, उन्होंने करीब एक साल पहले ही इस समस्या को लेकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में निपानिया जाट से कनेरा मार्ग पर रात में चलने वाले गिट्टी-मुरम के डंपरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई थी।
उनका आरोप है कि शिकायत करने के बाद उन्हें धमकियां भी मिलीं। इसके बावजूद उन्होंने इस मुद्दे को उठाना जारी रखा। उनका कहना है कि प्रशासन को क्षेत्र की समस्या की जानकारी पहले से थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
डंपरों के दस्तावेजों की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
मोहन सिंह जाट ने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय चलने वाले सभी गिट्टी-मुरम के डंपरों की जांच कराई जाए। उनके दस्तावेज, वाहन संबंधी वैध अनुमति और संचालन से जुड़े नियमों की पड़ताल की जाए। यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही संबंधित अधिकारियों को मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।
हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
निपानिया जाट में कार के 40 फीट गहरे कुएं में गिरने की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और खुले कुओं के आसपास सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को सामने ला दिया है। सड़क किनारे स्थित गहरे कुएं यदि सुरक्षित नहीं हैं तो वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
इस घटना में चारों युवकों की जान बच गई, लेकिन हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है। वहीं, रात में भारी डंपरों के संचालन को लेकर उठाए गए सवालों की जांच भी जरूरी है।
फिलहाल इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके की स्थिति का निरीक्षण करें और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस