ई-अटेंडेंस लगाने वाले शिक्षकों को मिलेगा डिजिटल प्रशस्ति पत्र, ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के नियमित उपयोग पर सम्मानित करेगा विभाग
मध्य प्रदेश में समय पर स्कूल पहुंचकर नियमित ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग डिजिटल प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगा।
मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस का विरोध कर रहे शिक्षकों के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने नियमित ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की पहल की है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर जारी बहस और विरोध के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहल की है। अब ‘हमारे शिक्षक’ ऐप का नियमित और सही तरीके से इस्तेमाल करने वाले शिक्षकों को विभाग की ओर से डिजिटल प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने के साथ उनकी नियमित उपस्थिति, अनुशासन और विभागीय कार्यों में सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है।
विभाग की इस पहल के तहत ऐसे शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा, जो निर्धारित समय पर ई-अटेंडेंस दर्ज करते हैं और विभागीय कामकाज के लिए भी ‘हमारे शिक्षक’ ऐप का नियमित उपयोग कर रहे हैं। इसमें ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के अलावा अवकाश के लिए आवेदन करने तथा अन्य विभागीय कार्यों को डिजिटल माध्यम से पूरा करने वाले शिक्षक शामिल होंगे। खास बात यह है कि प्रशस्ति पत्र भी इसी ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में जारी किए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
शुक्रवार को लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. गोयल ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने ‘हमारे शिक्षक’ ई-अटेंडेंस ऐप के माध्यम से हो रहे कार्यों और इसकी उपलब्धियों की समीक्षा की। ऐप के नियमित उपयोग और ऑनलाइन कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
सचिव ने निर्देश दिए कि जो शिक्षक नियमित रूप से समयबद्ध तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं और ऐप के माध्यम से अवकाश आवेदन सहित अन्य विभागीय गतिविधियों का ऑनलाइन संपादन कर रहे हैं, उन्हें डिजिटल प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशस्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी ऐप के माध्यम से ही पूरी की जाए, ताकि पूरी व्यवस्था डिजिटल और पारदर्शी बनी रहे।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की पहल
मध्यप्रदेश में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चा और विरोध की स्थिति बनी हुई है। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों के अलग-अलग संगठन अपनी आपत्तियां भी उठाते रहे हैं। ऐसे माहौल में विभाग ने अब विरोध के बीच सकारात्मक प्रोत्साहन का रास्ता अपनाने की कोशिश की है।
विभाग का मानना है कि केवल नियम लागू करने से ही व्यवस्था प्रभावी नहीं बनती, बल्कि उसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत नियमित ई-अटेंडेंस लगाने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। इससे शिक्षकों के बीच डिजिटल व्यवस्था के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार होने की उम्मीद है।
शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ी है नियमित उपस्थिति
समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. गोयल ने कहा कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है। स्कूलों में शिक्षकों की समय पर मौजूदगी से शिक्षण कार्य व्यवस्थित तरीके से संचालित होता है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होती और स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी नहीं निभाते, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, समयबद्धता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब शिक्षक स्वयं समय का पालन करते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों पर भी पड़ता है।
विभाग का मानना है कि नियमित ऑनलाइन उपस्थिति से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर स्कूलों की गतिविधियों की निगरानी और प्रशासनिक कार्यों के संचालन में भी सुविधा होगी।
ऐप से अवकाश आवेदन और विभागीय काम भी होंगे ऑनलाइन
‘हमारे शिक्षक’ ऐप को केवल उपस्थिति दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षकों के विभागीय कार्यों को डिजिटल रूप से पूरा करने के प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके जरिए शिक्षक अपनी ई-अटेंडेंस दर्ज करने के साथ अवकाश आवेदन और अन्य जरूरी विभागीय प्रक्रियाएं भी ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं।
इस व्यवस्था से शिक्षकों को विभागीय कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। वहीं, ऑनलाइन आवेदन और रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से संबंधित अधिकारियों को भी कार्यों की समीक्षा करने में आसानी होगी।
डिजिटल प्रशस्ति पत्र देने की पहल इसी व्यवस्था को अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे उन शिक्षकों को पहचान मिलेगी, जो नियमित रूप से ऐप का उपयोग कर विभागीय डिजिटल व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
जवाबदेही और कर्तव्यनिष्ठा को मिलेगा बढ़ावा
सचिव डॉ. गोयल ने कहा कि ‘हमारे शिक्षक’ ऐप का सार्थक उपयोग करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने से डिजिटल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे शिक्षकों में जवाबदेही, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल उन शिक्षकों के समर्पण और योगदान को पहचान देने का प्रयास है, जो बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
विभाग का उद्देश्य है कि शिक्षक तकनीक को केवल प्रशासनिक बाध्यता के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपने कार्यों को सरल और व्यवस्थित बनाने के माध्यम के रूप में अपनाएं। नियमित ई-अटेंडेंस और ऑनलाइन विभागीय कार्यों से प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की भी उम्मीद है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
लोक शिक्षण संचालनालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह, अपर मिशन संचालक नंदा भलावे कुशरे, संचालक डॉ. कामना आचार्य सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा के साथ डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल और शिक्षकों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल ई-अटेंडेंस व्यवस्था को प्रोत्साहन और सम्मान से जोड़ने की कोशिश है। अब नियमित ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने और ‘हमारे शिक्षक’ ऐप का सही इस्तेमाल करने वाले शिक्षकों को डिजिटल प्रशस्ति पत्र मिलेगा। विभाग को उम्मीद है कि इस कदम से डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और स्कूलों में अनुशासन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस