बालाघाट के नए एसपी बने आईपीएस मलय जैन, सचिन अतुलकर को एसएएफ ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार; कई आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव

आईपीएस अफसर मलय जैन अब बालाघाट के एसपी होंगे। वे 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वहीं, चंबल आईजी सचिन अतुलकर को भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इनके अलावे तीन अन्य अधिकारियों को भी उनके काम के अलावे अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

बालाघाट के नए एसपी बने आईपीएस मलय जैन, सचिन अतुलकर को एसएएफ ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार; कई आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव

बालाघाट में नए पुलिस अधीक्षक की पदस्थापना कर दी गई है। राज्य सरकार ने 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी मलय जैन को बालाघाट का नया एसपी बनाया है। वे अभी पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें एसपी के साथ सेनानी, हॉक फोर्स बालाघाट का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी मलय जैन को बालाघाट जिले का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें सेनानी, हॉक फोर्स बालाघाट का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं, 2007 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सचिन कुमार अतुलकर को उनकी वर्तमान जिम्मेदारी के साथ पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), एसएएफ ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इस प्रशासनिक बदलाव के तहत उज्जैन, इंदौर, मंदसौर और भोपाल में भी पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। सरकार के आदेश के बाद अलग-अलग पदों पर तैनात अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपकर पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

मलय जैन को मिली बालाघाट जिले की कमान

बालाघाट जिले में नए पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति का इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी मलय जैन को जिले की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले मलय जैन पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें बालाघाट का पुलिस अधीक्षक बनाकर मैदानी पदस्थापना दी गई है।

एसपी के रूप में जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही मलय जैन को सेनानी, हॉक फोर्स बालाघाट का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इस तरह उन्हें जिला पुलिस प्रशासन के साथ हॉक फोर्स की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

बालाघाट प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है। यहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी पुलिस प्रशासन के लिए अहम चुनौती रही है। ऐसे में नए एसपी की नियुक्ति को जिले की पुलिस व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आदित्य मिश्रा के तबादले के बाद खाली था पद

दरअसल, राज्य सरकार ने करीब नौ दिन पहले बालाघाट के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का तबादला कर दिया था। उन्हें देवास जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया था। उनके स्थानांतरण के बाद बालाघाट में एसपी का पद खाली हो गया था और नए अधिकारी की पदस्थापना का इंतजार किया जा रहा था।

अब शासन ने मलय जैन को बालाघाट की कमान सौंपकर इस पद पर नियुक्ति कर दी है। उनके सामने जिले में कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने, अपराधों पर नियंत्रण, पुलिसिंग में सुधार और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।

सचिन अतुलकर को आईजी एसएएफ ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार

पुलिस विभाग में किए गए बदलावों के तहत 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी सचिन कुमार अतुलकर को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान में वे पुलिस महानिरीक्षक, चंबल जोन मुरैना के पद पर पदस्थ हैं। शासन ने उन्हें मौजूदा जिम्मेदारी के साथ पुलिस महानिरीक्षक, एसएएफ ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

सचिन अतुलकर को मध्यप्रदेश पुलिस के चर्चित अधिकारियों में गिना जाता है। नई जिम्मेदारी के तहत अब उन्हें चंबल जोन की वर्तमान जिम्मेदारी निभाने के साथ एसएएफ ग्वालियर के कामकाज की निगरानी भी करनी होगी। शासन के इस आदेश से उनके कार्यक्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जुड़ गई है।

प्रदीप शर्मा को 32वीं वाहिनी एसएएफ उज्जैन का प्रभार

इसी प्रशासनिक फेरबदल में 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रदीप शर्मा को भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वे वर्तमान में पुलिस अधीक्षक उज्जैन के पद पर पदस्थ हैं। गृह विभाग के आदेश के अनुसार, उन्हें वर्तमान कार्य के साथ सेनानी, 32वीं वाहिनी एसएएफ उज्जैन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

इस व्यवस्था के बाद प्रदीप शर्मा उज्जैन जिले की पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। इसके साथ ही उन्हें 32वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के प्रशासनिक और अन्य संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी भी देखनी होगी।

वाहनी सिंह को नारकोटिक्स मंदसौर की जिम्मेदारी

आईपीएस अधिकारियों के कार्य विभाजन में मंदसौर नारकोटिक्स की जिम्मेदारी में भी बदलाव किया गया है। 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी वाहनी सिंह, जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें पुलिस अधीक्षक, नारकोटिक्स मंदसौर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

वे अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ नारकोटिक्स मंदसौर का कामकाज भी संभालेंगी। इस आदेश के साथ ही 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक आनंद को पुलिस अधीक्षक नारकोटिक्स मंदसौर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

इस बदलाव के बाद मंदसौर नारकोटिक्स इकाई की जिम्मेदारी वाहनी सिंह के पास रहेगी। शासन ने यह व्यवस्था अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों के नए निर्धारण के तहत की है।

नगेंद्र सिंह को रेल एसपी भोपाल का अतिरिक्त प्रभार

भोपाल में भी पुलिस विभाग के कार्य विभाजन में बदलाव किया गया है। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी नगेंद्र सिंह को पुलिस अधीक्षक, रेल भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे वर्तमान में सेनानी, 25वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (विसबल) भोपाल के पद पर कार्यरत हैं।

नई व्यवस्था के तहत नगेंद्र सिंह अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ रेल पुलिस अधीक्षक भोपाल का कामकाज भी देखेंगे। रेल पुलिस के अंतर्गत रेलवे स्टेशन और रेल मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा तथा रेल परिसरों से जुड़े अपराधों की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण कार्य आते हैं।

कई जिलों और इकाइयों में बदली जिम्मेदारियां

मध्यप्रदेश गृह विभाग के इस प्रशासनिक आदेश में बालाघाट, ग्वालियर, उज्जैन, मंदसौर और भोपाल से जुड़े पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ अधिकारियों को नई पदस्थापना मिली है, जबकि कुछ अधिकारियों के मौजूदा कार्यभार में अतिरिक्त जिम्मेदारियां जोड़ी गई हैं।

इस फेरबदल में मलय जैन को बालाघाट का नया एसपी बनाया जाना प्रमुख बदलाव है। वहीं सचिन अतुलकर, प्रदीप शर्मा, वाहनी सिंह और नगेंद्र सिंह को उनकी वर्तमान पदस्थापना के साथ नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। दूसरी ओर अभिषेक आनंद को मंदसौर नारकोटिक्स के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है।

शासन के इन आदेशों के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने नए दायित्वों के अनुसार कार्य करना होगा। पुलिस विभाग में हुए इस बदलाव से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और विशेष पुलिस इकाइयों के प्रशासनिक कामकाज का नया जिम्मेदारी निर्धारण हुआ है।